प्रवर्तन प्रवर्तन निदेशालय
ई. डी. बैंक ऑफ इंडिया धोखाधड़ी मामलामे ₹1 करोड़ जब्त कयलक।
ई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति अछि जाहिमे मैसर्स इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) लिमिटेड (ईआईएल) के विरुद्ध धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत ₹1 करोड़ के चल संपत्ति के अस्थायी कुर्की के घोषणा कयल गेल अछि।
81.97 करोड़कुर्क/जब्त कयल गेल कुल राशि (81.97 करोड़ रुपये) बैंक ऑफ इंडिया (81.97 करोड़ रुपये) केँ भेल अनुमानित हानिसँ मेल खाइत अछि।
ई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) क एकटा प्रेस विज्ञप्ति अछि जाहिमे धन शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002क अन्तर्गत मेसर्स इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) लिमिटेड (ईआईएल) क विरुद्ध ₹1 करोड़ मूल्यक चल सम्पत्तिकेँ अस्थायी रूप सँ कुर्क करबाक घोषणा कयल गेल अछि। ई नागरिकक लेल महत्वपूर्ण अछि कारण ई बैंक कोषसँ सम्बन्धित कथित वित्तीय अनियमितता सभक लेल एकटा निगमित संस्थाके विरुद्ध कयल गेल प्रवर्तन कार्रवाईक विवरण दैत अछि।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः मेसर्स इलेक्ट्रोथर्म (इंडिया) लिमिटेड (ईआईएल), एकर निदेशक/प्रवर्तक, बैंक ऑफ इंडिया, एडलवाइस एआरसी, आ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)।
ई. डी. की कहैत अछि जे ओ की कयलक।
- ई. डी. पी. एम. एल. ए., 2002क अन्तर्गत 25.09.2026 पर ₹. 43.65 करोड़क चल सम्पत्ति अस्थायी रूपसँ कुर्क कयलक।
- कुर्क कयल गेल सम्पत्तिमे दूटा यस बैंक खातामे ₹2 करोड़ आ ₹1 करोड़ मूल्यक ₹3 प्रमोटर शेयर सम्मिलित अछि।
- बैंक ऑफ इंडियाक शिकायत पर ई. आई. एल. आ ओकर निदेशकलोकनिक विरुद्ध सी. बी. आई., बी. एस. एंड. एफ. बी., मुम्बई द्वारा दर्ज एफ. आई. आर. क आधार पर जाँच शुरू कयल गेल छल।
- आरोपमे कहल गेल अछि जे ऋण सुविधा (2007-2013) सँ धनकेँ डायवर्ट आ हेराफेरी कयल गेल छल।
- ई. आई. एल. क बकाया ₹2 करोड़ छल; ई खाता एडलवाइस ए. आर. सी. केँ ₹550 करोड़मे देल गेल छल, जकर परिणामस्वरूप बैंककेँ ₹1 करोड़क नुकसान भेल।
- जाँचमे पता चलल जे विस्तारक लेल ऋणक उपयोग वर्तमान देनदारिकेँ चुकयबाक लेल कयल जाइत छल आ अन्य संस्थासभक माध्यमसँ स्तरबद्ध कयलाक बाद धनकेँ नगद चक्र-राशिमे निकालि लेल जाइत छल।
- जनवरी 2025 मे पहिनेक तलाशीक परिणामस्वरूप न्यायिक प्राधिकरण द्वारा पुष्टि कयल गेल अछि जे 38.32 करोड़ टाका जब्त/जब्त कयल गेल छल।
- एहि मामलामे आब कुल जब्ती/फ्रीजिंग/कुर्की ₹1 करोड़ अछि।
दस्तावेजमे सेहो
- कुर्क/जब्त कयल गेल कुल राशि (81.97 करोड़ रुपये) बैंक ऑफ इंडिया (81.97 करोड़ रुपये) केँ भेल अनुमानित हानिसँ मेल खाइत अछि।
- निधिसभक कथित विचलन लेल जाँचक अवधि 2007 सँ 2013 तक निर्दिष्ट कयल गेल अछि।
ई कोना लिखल गेल छल?
हमर अपन कंप्यूटर पर चलैत एकटा ए. आई. मॉडल सरकारी दस्तावेज पढ़ैत अछि आ ई सारांश लिखैत अछि। कोनो व्यक्ति एकर जाँच नहि कयने अछि।
आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।
ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
एहि पृष्ठक अनुवाद मशीन द्वारा कयल गेल छल; अंग्रेजी पाठ आ मूल दस्तावेज आधिकारिक अछि।
हम सभ कोना काज करैत छी? · एहि कहानीमे कोनो त्रुटिक सूचना दियौक।
मूल दस्तावेज
प्रवर्तन निदेशालय-पी. एम. एल. ए. आ फेमाक अन्तर्गत संलग्नक, गिरफ्तारी आ अभियोजन शिकायत।
प्रेस विज्ञप्ति · रेफ. df80dfcesed128b63a · 1 अक्टूबर 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।