न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय
सुप्रीम कोर्टः अदालत या ट्रिब्यूनल के अनुरोध के निर्देश के रूप में माना जाना चाहिए
मामला एकटा एहन विवादसँ सम्बन्धित अछि जतय उच्चतम न्यायालयक अवलोकन अछि जे राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एन. सी. एल. ए. टी.) न्यायालय द्वारा अनुरोध कयल गेल कोनो विशिष्ट तिथि पर कोनो मामलाक सुनवाई करबामे विफल रहल अछि, जाहिसँ एकटा निर्देश देल गेल अछि जे एहन अनुरोधकेँ...
मामला एकटा एहन विवादसँ सम्बन्धित अछि जतय सर्वोच्च न्यायालयक अवलोकन अछि जे राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एन. सी. एल. ए. टी.) न्यायालय द्वारा अनुरोध कयल गेल कोनो विशिष्ट तिथि पर कोनो मामलाक सुनवाई करबामे विफल रहल, जाहिसँ ई निर्देश देल गेल जे एहन अनुरोधकेँ बाध्यकारी आदेशक रूपमे मानल जाय।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ताः सोना बंसल; उत्तरदाताः वशिष्ठ कुमार गोयल आ अन्य; पीठः माननीय न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला आ माननीय न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन।
अदालत की फैसला कयलक?
- न्यायालयक निर्णय छल जे उच्चतम न्यायालय द्वारा कोनो न्यायालय या न्यायाधिकरणकेँ कयल गेल कोनो अनुरोधकेँ निर्देशक रूपमे मानल जयबाक चाही, आ अनुपालनक पर गम्भीरतासँ विचार कयल जायत।
- न्यायालय अनुरोधक अनुसार एन. सी. एल. ए. टी. द्वारा 23.07.2026 पर मामलाक सुनवाईमे विफलता पर अशांति व्यक्त कयलक।
- एन. सी. एल. ए. टी. केँ नोटिस जारी कयल गेल छल, जे 19.11.2026 पर वापसी योग्य छल, जाहिमे एहि बातक स्पष्टीकरणक आवश्यकता छल जे पहिल आदेशक बावजूद एहि मामलाक सुनवाई किएक नहि कयल गेल।
- अन्य सेवा विधिसभक अतिरिक्त दस्ती सेवाकेँ सेहो अनुमति देल गेल छल।
- एहि बीच ऋणदाता समिति (सीओसी) के गठन पर रोक लगा देल गेल।
दस्तावेजमे सेहो
- अदालत नोट कयलक जे एन. सी. एल. टी. धारा 7 आई. बी. सी. आवेदन स्वीकार कयलक छल जखन कि एन. सी. एल. ए. टी. एखन धरि मुख्य मामलाक सुनवाई नहि कयने छल।
- एन. सी. एल. ए. टी. द्वारा निर्धारित अगिला तिथि 17.11.2026 कहल गेल अछि।
- न्यायालय स्पष्ट कयलक जे एन. सी. एल. ए. टी. केँ ओकर पहिल'गंभीर अनुरोध'क उद्देश्य ई सुनिश्चित करब छल जे मामलाक सुनवाई 23.07.2026 पर हो।
ई कोना लिखल गेल छल?
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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
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मूल दस्तावेज
भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ
अदालतक आदेश · 29 अक्टूबर 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।