Friday, 9 October 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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प्रवर्तन प्रवर्तन निदेशालय

ईडी पूर्व एस. बी. आई. अधिकारी पर ₹7.96 करोड़ धोखाधड़ीक आरोप लगौलनि।

ई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), पटना क्षेत्रीय कार्यालयक एकटा प्रेस विज्ञप्ति अछि, जाहिमे भारतीय स्टेट बैंकक एकटा पूर्व कर्मचारीक विरुद्ध धनशोधन आ धोखाधड़ीक लेल अभियोजन शिकायत दर्ज करबाक घोषणा कयल गेल अछि।

ई नागरिकसभक लेल महत्वपूर्ण अछि कारण ई बैंक अभिलेखमे हेरफेर आ धनशोधन रोकथाम अधिनियमक अन्तर्गत कयल गेल कानूनी कार्रवाईसँ जुड़ल एकटा विशिष्ट वित्तीय अपराधक विवरण दैत अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः प्रीति सिंह (पूर्व फील्ड ऑफिसर, एस. बी. आई. मानपुर शाखा, गया), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), विशेष अदालत (पीएमएलए) पटना, आ भारतीय स्टेट बैंक।

ई. डी. की कहैत अछि जे ओ की कयलक।

  • ईडी विशेष अदालत (पीएमएलए), पटनामे 30/09/2026 पर अभियोजन शिकायत दायर कयलक।
  • शिकायतमे पी. एम. एल. ए., 2002क धारा 44 आ 45क अन्तर्गत प्रीति सिंह पर अभियोजन आ दोषसिद्धिक मांग कयल गेल अछि।
  • कथित अपराधमे मनी लॉन्ड्रिंग (धारा 3) शामिल अछि आ ई पी. एम. एल. ए. क धारा 4क तहत दंडनीय अछि।
  • ईडी जाँच एकटा सी. बी. आई. एफ. आई. आर. आ आरोप पत्र संख्या 15/2022 दिनांकित 30/12/2022 क आधार पर शुरू कयल गेल छल।
  • प्रीति सिंह पर आरोप अछि जे ओ धोखाधड़ीसँ अपन नाम आ रिश्तेदारक नाम पर 68 ओवरड्राफ्ट (ओडी) खाताकेँ स्वीकृत आ संचालित कयने छलीह।
  • कथित विधिसभमे अभिलेखमे हेरफेर, काल्पनिक खाता बनाना, सावधि जमा पर पूर्वाधिकार हटायब, आ अनेक ओ. डी. सुविधाक लेल प्रतिभूतिसभक पुनः उपयोग शामिल अछि।
  • बैंककेँ कथित रूपसँ 7 करोड़ 96 लाखक गलत नुकसान भेल अछि।
  • अपराधसँ प्राप्त ₹1,916/- क उपयोग कथित रूपसँ व्यक्तिगत/पारिवारिक उपयोगक लेल आ अतिरिक्त ऋणक लेल स्थिर जमा रसीद (एफ. डी. आर.) तैयार करबाक लेल कयल गेल छल।
  • बैंक गिरवी राखल गेल एफ. डी. आर. सँ धन बरामद कयलक, आ शेष राशि प्रीति सिंह द्वारा परिवार आ रिश्तेदारक सहायतासँ चुकायल गेल।
  • ईडी कहैत अछि जे एहि मामलाक जाँच पूरा भऽ गेल अछि।

दस्तावेजमे सेहो

  • ई. डी. नोट करैत अछि जे बैंक द्वारा अंततः धनक वसूली आ अभियुक्त द्वारा पुनर्भुगतानक बावजूद अभियुक्त पुनर्भुगतानसँ पहिने अपराधक आयक आनंद लैत छल आ ओकर उपयोग करैत छल।
  • मामला सी. बी. आई. जाँच आ आरोप-पत्रसँ उत्पन्न भेल, ई. डी. क गुप्त सूचनासँ नहि।

ई कोना लिखल गेल छल?

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आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।

ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

प्रवर्तन निदेशालय-पी. एम. एल. ए. आ फेमाक अन्तर्गत संलग्नक, गिरफ्तारी आ अभियोजन शिकायत।

प्रेस विज्ञप्ति · रेफ. एएफ25215डी470ईबी74 · 8 अक्टूबर 2026

सरकारी दस्तावेज 8 अक्टूबर 2026 · 0.1 एमबी दस्तावेज खोलू। enforcementdirectorate.gov.in पर
एकरा एतऽ पढ़ू।

चर्चा।

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