सुप्रीम कोर्ट आधार स्कीम में 1 अरब 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 करोड़ 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब 1 अरब
इहो भारत जी सुप्रीम कोर्ट जो हिकु फ़ैसला आहे (2012 जो रिट पिटिशन (सिविल) नंबर 494 ऐं इन सां जुड़ियल मामला) आधार स्कीम ऐं आधार एक्ट, 2016 खे संवैधानिक चैलेंज खे हल करणु। इहो नागरिकनि लाइ महादुरु आहे छो त इहो राष्ट्रीय पहचान जे सिरिश्ते जी क़ानूनी वैधता ऐं निजता जे बुनियादी हक़ ते इन जे असर खे तय करे थो
फैसला याचिकाकरतुनि (जस्टिस के. एस. पुट्टास्वामी (सेवामुकत) ऐं श्रीमान प्रवेश खन्ना), जवाबदारु (यूनियन ऑफ़ इंडिया ऐं ॿीं), यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (यू. आई. डी. ए. आई.), ऐं आधार स्कीम में दाख़िल आम माण्हुनि (तक़रीबन 1 अरब 1 करोड़ माण्हुनि) सां संबंधित आहे।
- इहो केस आधार स्कीम खे चैलेंज करे थो, जंहिं खे 2006 में शुरू कयो वियो हो, 2009 में शुरू कयो वियो हो, ऐं पोइ आधार (माली ऐं ॿीं सब्सिडी, फ़ाइदे ऐं ख़िदिमतनि जी टारगेटड डिलीवरी) एक्ट, 2016 पारां वैधानिक कवर ॾिनो वियो हो
- याचिकाकर्तियुनि दलील कई त आधार प्रोजेक्ट भारत जे संविधान जे अनुच्छेद 21 जे तहत निजता जे बुनियादी हक़ जी उलझन करे थो ऐं हिक निगरानी रियासत पैदा करे थो
- अदालत नोट करे थी त स्कीम शुरू में 2016 एक्ट पास करणु खां पहिरीं एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन ज़रिए लागू कई वई हुई
- चीफ जस्टिस ऐं जस्टिस ए. एम. खानविलकर जे तरफ़ खां जस्टिस ए. के. सीकरी फ़ैसला सुनाया आहे।
- अदालत कहंदो आहे त हू संवैधानिक प्रावधाननि जे टचस्टोन ते मुद्दनि जी निरपक्ख तौर ते पड़ताल कंदा, नोट कयो त इहो अंतरराष्ट्रीय निकायनि या अवामी बहस जे बाहिरी नज़रियुनि खां प्रभावत न हो
ए. आई. पारां दस्तावेज़ मां लिखियल, ऐं उन जे ख़िलाफ़ जांच कयो वियो। मुनज़्ज़म मुनज़्ज़म आहे
असली दस्तावेज़
दस्तावेज़ जे तफ़सील
| सरकारी ख़िताब | जॾहिं देखणु रिकार्डिंग थी वेंदी आहेः अद्रश्य नज़रदारु ऐं भारतीय प्राइवेसी क़ानून जी हद |
| सोर्स बॉडी | प्रेस पारां सरकारी दस्तावेज़ पेश कया व्या |
| संदर्भ नम्बरु | c184e829d7034fb2 |
| हालति | बंद कर्यो (एस. सी. फ़ैसला) |
| सालु | — |
| बंद करणु जी तारीख़ | — |
| दस्तावेज़ | 1 |