कौन ज़िम्मेदार? कौनजिमेदार
अनुवाद कयल गेल अछि मैथिली (मैथिली) इंडिकट्रांस2 (ए. आई., सेल्फ-होस्टेड) द्वारा। मशीनी अनुवादमे त्रुटि भऽ सकैत अछि-अंग्रेजी पाठ आ स्रोत पी. डी. एफ. आधिकारिक अछि।
ब्राउज़ करू।SEBI विनियामक आदेश

अल्लम रघुनाथ आ सुब्रतो साहाक संबंधमे ब्राइटकॉम ग्रुप लिमिटेडक मामलामे अन्तिम आदेश

SEBI बन्द भऽ गेल। 2025
सादा-भाषाक सारांश (ए. आई. द्वारा उत्पन्न) - जल्दी पढ़ू जाहि सँ अहाँकेँ पूरा पी. डी. एफ. नहि खोलय पड़त। त्रुटि भऽ सकैत अछि; नीचाँ देल गेल मूल दस्तावेज आधिकारिक अछि।

ई आदेश कोना अछि?

ई आदेश ब्राइटकॉम ग्रुप लिमिटेड आ ओकर निदेशक अल्लम रघुनाथ आ सुब्रतो साहासँ सम्बन्धित अछि, जे लेखा मानकसभक उल्लंघन आ 2014-15 सँ 2019-20 धरि वित्तीय गलत कथनसँ सम्बन्धित विनियमकेँ सूचीबद्ध करैत अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछि?

ब्राइटकॉम ग्रुप लिमिटेड, अल्लम रघुनाथ, सुब्रतो साहा

की भेटल वा निर्देशित कयल गेल छल

  • वितत वर्ष 2014-15 सान 2019-20 क लेल लेखा मानक (AS 26, Ind AS 38, Ind AS 36) क कार्य-विश्लेषण
  • वित्तीय विवरणकेँ सही आ निष्पक्ष दृष्टिकोणसँ प्रस्तुत करबाक सुनिश्चित करबामे विफलता।
  • स्वतंत्रता के संबंध मे अल्लम रघुनाथ के गलत घोषणा
  • एल. ओ. डी. आर. विनियम आ सूचीकरण समझौताक उल्लंघन
  • आदेशक अनुसार नोटिस पर कोनो जुर्माना नहि लगाओल गेल अछि।
स्रोत निकायभारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी)-प्रवर्तन आदेश
संदर्भ संख्याWTM/AN/CFID/CFID
स्थितिबन्द भऽ गेल। (खण्डः आदेश)
वर्ष।2025
बन्द करबाक तिथि
दस्तावेजसभ1

मुख्य आकर्षण आ पूछबाक योग्य बिन्दुसभ

स्वतः उत्पन्न, तटस्थ अवलोकन। सार्वजनिक दस्तावेजसँ स्वतः उत्पन्न भेल। त्रुटि भऽ सकैत अछि। कानूनी या वित्तीय सलाह नहि। सँबद्ध मूल दस्तावेजक विरुद्ध हमेशा सत्यापित करू। कौनजिमेदार एकटा मंच अछि, प्राधिकरण नहि।

एहि दस्तावेज लेल कोनो स्वचालित अवलोकन नहि अछि। नीचाँ देल गेल दस्तावेजकेँ सीधा पढ़ू।

दस्तावेजसभ

मूल सरकारी पी. डी. एफ. आधिकारिक स्रोत अछि-नीचाँ देखायल गेल अछि, अथवा एकरा एकटा नव टैबमे पूर्ण-स्क्रीन खोलू।

आदेश। 2025-10-06 1759753202973_1.pdf
एहि दस्तावेज़केँ देखबाक लेल ऊपर "पीडीएफ खोलू" पर दबाउ।

चर्चा (0)

नागरिकसभ एहि दस्तावेजसभ पर चर्चा कऽ रहल छथि। एकटा चर्चा स्थल-एतऽ किछु सेहो सत्यापित तथ्य वा आधिकारिक निष्कर्ष नहि अछि। पढ़नाइ निःशुल्क अछि; भाग लेबाक लेल साइन इन करू।

खुली चर्चा (0)