Sunday, 8 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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बाजारसभ प्रतिभूति आ विनिमय बोर्ड

एस. ई. बी. आइ. क अन्तिम आदेशमे वित्तीय गलत प्रस्तुतिक लेल राजेन्द्र पाठक पर जुर्माना बरकरार राखल गेल।

के-लाइफस्टाइल एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (के. एल. आई. एल.) क पूर्व सी. एफ. ओ. राजेन्द्र पाठकक संबंधमे वित्तीयक गलत निरूपण आ कंपनी कोषक दुरुपयोगक आरोपसँ सम्बन्धित ई एस. ई. बी. आइ. द्वारा देल गेल अंतिम आदेश अछि।

ई आदेश प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (एस. ए. टी.) द्वारा प्रक्रियात्मक उल्लघंन लेल पहिनेक जुर्मानेकेँ अलग रखलाक बाद मामलाकेँ फेरसँ तय करबाक लेल रिमांडक बाद देल गेल अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः राजेन्द्र पाठक (नोटिसी), के-लाइफस्टाइल एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (के. एल. आई. एल.)

एस. ई. बी. आई. केँ की भेटल वा आदेश देल गेल?

  • एस. ई. बी. आइ. केँ अप्रैल 2015 सँ दिसंबर 2017 तक के अवधि लेल के. एल. आइ. एल. क वित्तीय विवरणक गलत निरूपण आ कोष/लेखा बहीक दुरुपयोगक प्रथम दृष्टिसँ प्रमाण भेटल।
  • 21 दिसंबर, 2021 के पिछला अंतिम आदेश, सेबी (एलओडीआर) विनियम, 2015 के विनियमन 33 (2) (ए) के उल्लंघन के लेल राजेन्द्र पाठक पर 6 लाख रुपये का जुर्माना लगौलनि।
  • प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (एस. ए. टी.) जुलाई 2025मे प्राकृतिक न्यायक उल्लघंन करैत 2021क आदेशकेँ रद्द कऽ देलक आ एहि मामलाकेँ नव सुनवाईक लेल एस. ई. बी. आइ. केँ भेज देलक।
  • एस. ई. बी. आइ. ने सूचना प्राप्तकर्ताकेँ फोरेंसिक लेखापरीक्षकसँ जिरह करबाक अनुरोध पर विचार करबासँ पहिने गुणागुणक आधार पर उत्तर दाखिल करबाक निर्देश देल।
  • नोटिसी 4 मार्च, 2026 केँ सी. एफ. ओ. क भूमिकाकेँ नकारैत आ अपन हस्ताक्षरक दुरुपयोगक आरोप लगबैत योग्यता पर उत्तर प्रस्तुत कयलक।

दस्तावेजमे सेहो

  • एहि मामलामे बी. एस. ई. द्वारा नियुक्त एकटा स्वतंत्र लेखा परीक्षक द्वारा तैयार एकटा फोरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट (एफ. ए. आर.) शामिल अछि, जकरा पर एस. ई. बी. वित्तीयक गलत निरूपणक पहचान करबाक लेल भरोसा करैत छल।
  • नोटिसी दावा करैत छथि जे हुनका कहियो सी. एफ. ओ. क रूपमे नियुक्त नहि कयल गेल छल आ हुनक हस्ताक्षर जाली छल, जखन कि सेबीक पूर्व आदेशमे हुनका सी. एफ. ओ. क रूपमे चिन्हित कयल गेल छल जे वित्त वर्ष 2015-16, 2016-17, आ 2017-18 क लेल वित्तीय परिणामकेँ मंजूरी देलनि।
  • एस. ए. टी. रिमांड विशेष रूपसँ मूल जाँचमे प्रक्रियात्मक दोषक कारण छल, जरूरी नहि कि अंतर्निहित वित्तीय अनियमितता सभक संबंधमे निर्दोषताक निष्कर्ष।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी)-प्रवर्तन आदेश

विनियामक आदेश · 27 मई 2026

आदेश। 27 मई 2026 · 0.6 एमबी दस्तावेज खोलू। sebi.gov.in पर
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