न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय
उच्चतम न्यायालय सुकेश चंद्रशेखरक प्रतिरूपण दोषसिद्धि पर रोक लगयबाक याचिका खारिज कऽ देलक
एहि मामलामे सुकेश चंद्रशेखरक दिल्ली उच्च न्यायालयमे याचिका शामिल अछि जाहिमे सर्वोच्च न्यायालयक न्यायाधीशक प्रतिरूपणक लेल हुनका दोषी ठहराओल गेल आ सजा पर रोक लगयबाक मांग कयल गेल अछि, जकरा न्यायालय खारिज कऽ देलक।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ताः सुकेश चंद्रशेखर; प्रतिवादीः दिल्ली राज्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र; पीठः न्यायमूर्ति संजीव नरूला (दिल्ली उच्च न्यायालय)।
अदालत की फैसला कयलक?
- न्यायालय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023क धारा 430 (2) क सङ्ग पठायल धारा 528क अन्तर्गत दायर याचिका खारिज कऽ देलक।
- न्यायालयक अभिनिर्धारित छल जे चूँकि दोषसिद्धिक विरुद्ध अपील पहिनेसँ लंबित अछि, ताहि लेल याचिकाकर्ता के निष्कर्ष पर आपत्ति आ प्रतिकूल टिप्पणिकेँ अपीलीय न्यायालय द्वारा जांचि लेल जाय।
- न्यायालय कहलनि जे अपीलक स्वतंत्र विचार पर पूर्वाग्रहसँ बचबाक लेल एहि स्तर पर निष्कर्षक जाँच करब उचित नहि होयत।
- न्यायालयकेँ पता चलल जे दोषसिद्धिक निर्णय पर रोक लगयबाक कोनो मामला नहि बनल अछि।
- याचिकाकर्ता के अपीलीय न्यायालय के समक्ष सभ दलीलक लेल खुला छोड़ देल गेल छल।
दस्तावेजमे सेहो
- याचिकाकर्ता प्रस्तुत कयलनि जे ओ 20 अगस्त, 2026 के दोषी ठहराओल गेल फैसलाक अनुसार देल गेल सजा पहिनेसँ पार कऽ चुकल छथि।
- न्यायालय नोट कयलक जे दोषसिद्धि निर्णय आ सजा आदेशकेँ वर्तमानमे अपीलीय न्यायालयमे चुनौती देल जा रहल अछि।
ई कोना लिखल गेल छल?
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मूल दस्तावेज
भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ
अदालतक आदेश रेफ. एस. एल. पी. (सी. आर. एल.) सं. 20754/2026 डायरी सं. 66433/2026 · 2 नवम्बर 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।