Friday, 30 October 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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बाजारसभ भारतीय दिवाला आ दिवालियापन बोर्ड

एन. सी. एल. टी. आई. पी. क मतदानक गणितकेँ खारिज कऽ देलक, एस. बी. आई. के शेयरकेँ भाजकमे शामिल करबाक आदेश देलक।

ई भारतीय दिवाला आ दिवालियापन बोर्ड (आई. बी. बी. आई.) द्वारा एक दिवाला पेशेवर (आई. पी.) के संबंधमे जारी एक अनुशासनात्मक आदेश अछि जे कथित रूपसँ एक निगमित समाधान योजनाक लेल मतदान परिणामक गलत गणना कयलक।

ई नागरिकसभक लेल महत्वपूर्ण अछि कारण ई दिवाला प्रक्रियाक अखण्डता आ निगमित ऋण पुनर्गठनक प्रबंधन लेल नियुक्त पेशेवरसभक उत्तरदायित्वकेँ संबोधित करैत अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः श्री फनेन्द्र हरकचन्द मुनोट (दिवाला पेशेवर), भारतीय दिवाला आ दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई), अनुशासनात्मक समिति, आ श्री भीमेश्वरी इस्पात प्राइवेट लिमिटेडक कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) मे हितधारक, जाहिमे ऋणदाता समिति (सीओसी) आ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) शामिल अछि।

बोर्डकेँ की भेटल वा आदेश देल गेल?

  • आई. बी. बी. आई. अनुशासनात्मक समिति दिवाला आ दिवालियापन संहिता, 2016 आ सम्बन्धित विनियमसभक कथित उल्लंघनक लेल श्री फनेन्द्र हरकचंद मुनोटकेँ जारी कारण दर्शाउ नोटिस (एस. सी. एन.) क निपटारा कयलक।
  • मुख्य आरोप ई अछि जे आईपी भारतीय स्टेट बैंक (एस. बी. आई.) क मतदान हिस्साकेँ भाजकसँ बाहर कऽ समाधान योजनाक लेल मतदान परिणामक गलत गणना केलक कारण कि एस. बी. आई. वोट नहि देलक, जाहिसँ कुल मतदान हिस्साक वास्तविक 61.31% के बजाय लगभग 67% समर्थनसँ स्वीकृत योजनाक घोषणा कयल गेल।
  • आइ. पी. केँ एहि गलत गणनाक आधार पर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एन. सी. एल. टी.) के समक्ष समाधान योजनाक अनुमोदन स्थितिकेँ गलत ढंगसँ प्रस्तुत करैत देखल गेल।
  • एन. सी. एल. टी. पहिने ई अभिनिर्धारित कयने छल जे एस. बी. आइ. क मतदान हिस्साकेँ केवल एहि लेल भाजकसँ बाहर नहि राखल जा सकैत अछि जे ओ मतदान नहि कयलक आ फेरसँ विचार करबाक लेल योजनाकेँ पठा देलक, जाहिसँ प्रक्रियामे विलम्ब भेल।
  • आईपी तर्क देलक जे हुनकर गणना एक प्रामाणिक कानूनी व्याख्या पर आधारित छल आ ओ अदालतकेँ कच्चा मतदान परिणामक खुलासा कयने छलाह।
  • आई. बी. बी. आई. प्रथम दृष्टिसँ देखल जे आई. पी. संहिताक धारा 30 (4), 208 (2) (ए), आ 208 (2) (ई), सी. आई. आर. पी. विनियमक विनियमन 26, आ आचार संहिताक विशिष्ट खंडक उल्लंघन करैत अछि।

दस्तावेजमे सेहो

  • विवाद संहिताक धारा 30 (4) क तहत मतदान सीमा की गणना के कार्यप्रणाली पर केंद्रित अछि जखन कोई लेनदार बैठक में भाग लैत अछि लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली में वोट नहीं दैत अछि।
  • आईपी आईडीबीआई बैंक लिमिटेड बनाम अनुज जैन आ टाटा स्टील लिमिटेड बनाम लिबर्टी हाउस ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड जेहन फैसलाक हवाला देलक जे हुनका गैर-मतदान लेनदारकेँ भाजकसँ बाहर रखबाक समर्थन कयलक।
  • एन. सी. एल. टी. क दिनांक 28.04.2025 क आदेश आई. पी. क कार्यप्रणालीकेँ स्पष्ट रूपसँ खारिज कऽ देलक, जाहिमे कहल गेल छल जे अनुमोदन प्रतिशतक गणना करबाक लेल एस. बी. आइ. क मतदान हिस्साकेँ कुल भाजकमे शामिल करबाक चाही।
  • आईपी प्रस्तुत कयलक जे ओ अपन आवेदनमे स्पष्ट रूपसँ कच्चा, असंबद्ध ई-मतदान परिणाम (61.31% पक्षमे) अदालतक समक्ष रखलनि, ई तर्क दैत जे गुमराह करबाक कोनो इरादा नहि छल।

ई कोना लिखल गेल छल?

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मूल दस्तावेज

भारतीय दिवाला आ दिवालियापन बोर्ड-दिवाला पेशेवर आ अभिकरणसभक विरुद्ध अनुशासनात्मक आदेश

अनुशासनात्मक आदेश · सन्दर्भ 5f12aed6f1f0a549 · 30 अक्टूबर 2026

सरकारी दस्तावेज 30 अक्टूबर 2026 · 0.3 एमबी दस्तावेज खोलू। ibbi.gov.in पर
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