Saturday, 10 October 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालयः एक बेर समझौता भऽ गेलाक बाद विवादकेँ मध्यस्थतामे जयबाक चाही

मामला एक संयुक्त उद्यम समझौता (जे. वी. ए.) आ एक समझौता ज्ञापन (एम. ओ. यू.) के समाप्ति के संबंध में शुभम इक्विपमेंट प्राइवेट लिमिटेड (एस. ई. पी. एल.) आ रोथवेल वाटर कंपनी लिमिटेड (आर. डब्ल्यू. सी. एल.) के बीच एक विवादसँ संबंधित अछि।

मामला एक संयुक्त उद्यम समझौता (जे. वी. ए.) आ एक समझौता ज्ञापन (एम. ओ. यू.) के समाप्ति के संबंध में शुभम इक्विपमेंट प्राइवेट लिमिटेड (एस. ई. पी. एल.) आ रोथवेल वाटर कंपनी लिमिटेड (आर. डब्ल्यू. सी. एल.) के बीच एक विवाद सँ संबंधित अछि, मुख्य मुद्दा ई अछि कि विवाद के मुंबई में जे. वी. ए./एम. ओ. यू. के तहत या कोरिया में पूर्व लाइसेंस समझौते के तहत मध्यस्थता के लेल संदर्भित कयल जाय।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ता-शुभम इक्विपमेंट प्राइवेट लिमिटेड (एस. ई. पी. एल.) आ श्री सुनील सुरेश उपलैप; उत्तरदाताः रोथवेल वाटर कंपनी लिमिटेड (आर. डब्ल्यू. सी. एल.), श्री क्योंहो ली, आ रोथवेल बिजनेस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (आर. बी. आई. पी. एल.); पीठः न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची।

अदालत की फैसला कयलक?

  • न्यायालय 2025क मध्यस्थता याचिका (सिविल) सं. 7 आ 8क निपटारा एकटा सामान्य आदेश द्वारा कयलक।
  • न्यायालय नोट कयलक जे जे. वी. ए. आ समझौता ज्ञापनमे मध्यस्थता समझौताक अस्तित्व पक्षकारसभ द्वारा स्वीकार कयल गेल अछि।
  • न्यायालय मध्यस्थता आ सुलह अधिनियम, 1996क धारा 11 (6-ए) लागू कयलक, जाहिमे कहल गेल अछि जे एक बेर प्रथम दृष्टिसँ मध्यस्थता समझौताक अस्तित्व सिद्ध भऽ गेलाक बाद न्यायालयकेँ एकटा मध्यस्थ नियुक्त करबाक चाही आ पक्षकारसभकेँ मध्यस्थताक लेल पठयबाक चाही।
  • न्यायालयक मत अछि जे जे. वी. ए. क अनुच्छेद 25 आ समझौता ज्ञापनक खंड 10.8 मे कहल गेल अछि जे ई समझौता अपन विषय वस्तुक संबंधमे पूर्व समझौताक स्थान लैत अछि।
  • न्यायालय अनुज्ञापत्र समझौता, जे. वी. ए., आ समझौता ज्ञापनक शर्तसभक जाँच कयलक जाहिसँ ओकर स्वतंत्र अस्तित्व आ लागू विवाद समाधान खंड निर्धारित कयल जा सकय।

दस्तावेजमे सेहो

  • मामला शुरूमे मध्यस्थताक लेल पठायल गेल छल, मुदा पक्षकार कोनो सौहार्दपूर्ण समाधान पर पहुँचबामे असफल रहल।
  • उत्तरदातासभ तर्क देलनि जे जे. वी. ए. आ एम. ओ. यू.'मातृ'लाइसेंस समझौताक सहायक अछि, जे कोरियामे मध्यस्थता अनिवार्य करैत अछि, जखन कि याचिकाकर्ता सभक तर्क छल जे जे. वी. ए. आ एम. ओ. यू. मुंबईमे मध्यस्थता अनिवार्य करैवला स्वतंत्र समझौता अछि।
  • न्यायालय नोट कयलक जे आर. बी. आई. पी. एल. आर. डब्ल्यू. सी. एल. क पूर्ण स्वामित्ववला सहायक कम्पनी अछि आ जे. वी. ए. मे गैर-प्रतिस्पर्धी खंडक उल्लंघन करैत एकरा निगमित कयल गेल छल, जे याचिकाकर्ता सभक अनुसार एकरा एकटा आवश्यक पक्ष बना देलक।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश · 9 अक्टूबर 2026

आदेश। 9 अक्टूबर 2026 · 0.3 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
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