Thursday, 8 October 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय संघकेँ औषधि विपणन नियमपर समिति गठन करबाक आदेश देलक।

ई मामला एक रिट याचिका सँ सम्बन्धित अछि जे औषधि उद्योग मे अनैतिक विपणन प्रथा के विनियमित कऽ स्वास्थ्य के अधिकार के प्रवर्तन के मांग करैत अछि, विशेष रूप सँ चिकित्सा प्रिस्क्रिप्शन पर एहन प्रथा के प्रभाव।

न्यायालय एहि प्रथा पर अंकुश लगयबाक आ पारदर्शिता आ उत्तरदायित्व सुनिश्चित करबाक लेल एकटा वैधानिक या नियामक ढाँचाक आवश्यकता पर ध्यान दऽ रहल अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ता-फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एकर सचिव, आ जन स्वास्थ्य अभियानक राष्ट्रीय समन्वयक। उत्तरदाताः भारत सरकार, रसायन आ उर्वरक मंत्रालय (औषधि विभाग), आ स्वास्थ्य आ परिवार कल्याण मंत्रालय। पीठः न्यायमूर्ति मेहता।

अदालत की फैसला कयलक?

  • न्यायालय एहि मुद्दाक जाँच करबाक लेल तीन सदस्यीय समिति गठन करबाक भारत सङ्घक प्रस्ताव पर ध्यान देलक आ औषधीय विपणन प्रथाकेँ विनियमित करबाक लेल एकटा वैधानिक आ नियामक ढाँचाक अनुशंसा कयलक।
  • अदालत नोट कयलक जे फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज लेल मौजूदा समान संहिता, 2024 (यूसीपीएमपी, 2024) फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेजकेँ ओहि समय धरि नियंत्रित करैत रहत जखन धरि समिति के सिफारिशसभ पर सरकार द्वारा विचार आ कार्रवाई नहि कयल जायत।
  • न्यायालय याचिकाकर्ता सभक निवेदनकेँ दर्ज कयलक जे हुनका सभकेँ नव समिति के गठन पर कोनो आपत्ति नहि अछि मुदा आग्रह कयलक जे ओ हुनक सुझाव पर विचार करय आ हितधारकलोकनिकेँ सिफारिशकेँ अंतिम रूप देबासँ पहिने अपन विचार व्यक्त करबाक अवसर प्रदान करय।

दस्तावेजमे सेहो

  • न्यायालय पहिने 28 जुलाई, 2026केँ भारत संघकेँ न्यायालयक समक्ष अपन विचार-विमर्शक परिणाम प्रस्तुत करबाक लेल'अन्तिम अवसर'प्रदान कयने छल।
  • भारत संघ 8 सितंबर, 2026 केँ एक हलफनामा दाखिल केलक, जाहिमे अगस्त 2026 मे उद्योग संघ (आई. डी. एम. ए., आई. पी. ए., ओ. पी. पी. आई.) आ आंतरिक विभागीय चर्चा सभक संग भेल बैठकक विवरण देल गेल छल।
  • याचिकाकर्ता स्वीकार कयलनि जे एहि मुद्दामे नीतिगत मामला शामिल अछि आ नियामक ढाँचाक निर्माण भारत संघक विचारशील निर्णयसँ उभरबाक चाही।

ई कोना लिखल गेल छल?

हमर अपन कंप्यूटर पर चलैत एकटा ए. आई. मॉडल सरकारी दस्तावेज पढ़ैत अछि आ ई सारांश लिखैत अछि। कोनो व्यक्ति एकर जाँच नहि कयने अछि।

आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।

ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश रेफ. डब्ल्यू. पी. (सी) संख्या 323/2021 · 8 अक्टूबर 2026

आदेश। 8 अक्टूबर 2026 · 0.20 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
एकरा एतऽ पढ़ू।

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