Thursday, 8 October 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

पटना उच्च न्यायालयः बिहार अनधिकृत प्रयोगशाला परीक्षण पर अनुग्रह दावा खारिज नहि कऽ सकैत अछि

ई मामला आठ याचिकाकर्ता सँ सम्बन्धित अछि, जकर परिवारक सदस्यक महामारीक दोसर लहरक दौरान मृत्यु भऽ गेल छल, जे बिहार कोविड सहायता योजना 2022क तहत मुआवजक मांग करैत अछि।

मुख्य मुद्दा ई अछि जे की हुनक दावाकेँ केवल एहि लेल खारिज कयल जा सकैत अछि जे सकारात्मक परीक्षण एकटा प्रयोगशालामे कयल गेल छल जे औपचारिक रूपसँ राज्य सरकार द्वारा अधिकृत नहि छल।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ता-अनीश सिंह, गीता देवी, मधूरी देवी, मणि भूषण सिंह, रीमा कुमारी, विशाखी देवी, अनंत कुमार शर्मा, आ कृष्ण मुरारी। उत्तरदाताः बिहार राज्य, स्वास्थ्य विभाग, राज्य स्वास्थ्य समिति, आ पटनामे विभिन्न जिला मजिस्ट्रेट आ चिकित्सा अधिकारी। पीठः पटना उच्च न्यायालयक न्यायमूर्ति आलोक कुमार।

अदालत की फैसला कयलक?

  • न्यायालय सम्बन्धित अधिकारीसभकेँ आदेशक प्रमाणित प्रति प्राप्त भेलाक चारि सप्ताहक भीतर सभ याचिकाकर्ता सभक दावापर पुनर्विचार करबाक निर्देश देलक।
  • यदि याचिकाकर्ता फेरसँ विचार करबाक योग्य पाओल जाइत अछि, तँ बिहार कोविड-19 सहायता योजना 2022क तहत मुआवजक भुगतान ओहि निर्धारणक चारि सप्ताहक भीतर कयल जाय।
  • गौरव कुमार बन्सल बनाम भारत संघमे उन्नत नियालिक दिशा-देश 2023क C.W.J.C. No.13671 मे एकर अपन पूरा पूरा नियतिक विकास होता अछि।
  • एहि निर्देशक संग रिट याचिका के निपटान कऽ देल गेल आ कोनो लंबित अंतरिम आवेदन के सेहो निपटान कऽ देल गेल।

दस्तावेजमे सेहो

  • न्यायालय नोट कयलक जे अनुग्रह सहायताक लेल उच्चतम न्यायालयक पात्रता मानदंड परीक्षण प्रयोगशालाक मान्यता या प्राधिकरण स्थितिकेँ अयोग्य कारकक रूपमे सूचीबद्ध नहि करैत अछि।
  • न्यायालय एहि बात पर जोर देलक जे याचिकाकर्ता पूर्ववर्ती मामलामे (सुशीला देवी) समान रूपसँ स्थित छथि जकरा एहि कारणसँ पुनर्विचार आ क्षतिपूर्ति देल गेल छल, आ एहि प्रकार व्यवहारक समानताक हकदार छथि।
  • न्यायालय कहलनि जे अनुच्छेद 21 आ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005क अन्तर्गत राज्यक संवैधानिक कर्तव्य अछि जे ओ लोक कल्याणक सक्रिय संरक्षकक रूपमे कार्य करे आ मात्र तकनीकीता पर दावाकेँ अस्वीकार नहि कऽ सकैत अछि।

ई कोना लिखल गेल छल?

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आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।

ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश रेफ. अनीश सिंह आ ओआरएस बनाम बिहार राज्य आ ओआरएस · 7 अक्टूबर 2026

आदेश। 7 अक्टूबर 2026 · 0.1 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
एकरा एतऽ पढ़ू।

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