Wednesday, 30 September 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय आदेश-2 नियम-2क अन्तर्गत विशिष्ट प्रदर्शनक लेल नव मुकदमा पर रोक लगबैत अछि।

ई मामला अचल संपत्ति बेचबाक लेल मौखिक समझौताक विशिष्ट निष्पादनक लेल दोसर दावाक रखरखाव पर विवादसँ संबंधित अछि, जतय वादी पहिने स्थायी निषेधाज्ञा लेल मुकदमा वापस लऽ लेने छलाह।

मुख्य मुद्दा ई अछि कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908क आदेश II नियम 2क तहत रोक, वादीकेँ नया मुकदमा दायर करबाक स्वतंत्रता मांगबाक बावजूद विशिष्ट प्रदर्शन के मांग करय सँ रोकैत अछि या नहि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः अपीलकर्ताः बॉम्बे गैरेज अहमदाबाद लिमिटेड & ओ. आर.; उत्तरदाताः जे. पी. इस्कॉन प्राइवेट लिमिटेड & ए. एन. आर.; पीठः न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन।

अदालत की फैसला कयलक?

  • छुट्टी देल गेल।
  • न्यायालय पहिल दावाकेँ वापस लेबाक आ दोसर दावाकेँ दायर करबाक सम्बन्धमे आदेश II नियम 2 सी. पी. सी. आ आदेश XXIII नियम 1 (3) सी. पी. सी. के लागू होयबाक विश्लेषण कयलक।
  • अदालत नोट कयलक जे वर्तमान मामलामे, वादी पहिल मोकदमा के वाद प्रस्तुत केलक, एकरा ओहि मामलासँ अलग केलक जतय प्रतिवादी एकरा प्रस्तुत करबामे विफल रहल।
  • न्यायालय गुरबक्स सिंह बनाम भूरालाल, गुरिंदरपाल बनाम जगमितार सिंह, आ कुड्डालोर पावरजेन कॉर्पोरेशन लिमिटेड बनाम मेसर्स चेम्प्लास्ट कुड्डालोर विनिल्स लिमिटेड सहित उदाहरणसभक समीक्षा कयलक।
  • न्यायालय कहलनि जे आदेश-2 नियम-2क अधीन अवरोधक लेल एहि बातक प्रमाणक आवश्यकता अछि जे वादी एकसँ बेसी राहतक हकदार छल आ दोसर वादमे बिना अनुमतिक राहत लेल मुकदमा करयकेँ छोड़ि देल गेल।
  • न्यायालय नोट कयलक जे गुरिंदरपाल बनाम जगमितार सिंहमे, एकटा नव मुकदमा दायर करबाक स्वतंत्रताक निष्कर्षकेँ गुरबक्स सिंह बनाम भूरालालमे संविधान पीठक निर्णयक विपरीत अस्वीकार्य मानल गेल छल।

दस्तावेजमे सेहो

  • निर्णयकेँ'रिपोर्टेबल'क रूपमे चिह्नित कयल गेल अछि।
  • न्यायालय स्पष्ट रूपसँ कहलनि जे गुरिन्दरपाल बनाम जगमितार सिंह (2004) 11 एस. सी. सी. 219मे देल गेल निष्कर्ष'अस्वीकार्य अछि आ गुरबक्स सिंह बनाम भूरालालमे संविधान पीठक निर्णयक विपरीत अछि।
  • न्यायालय नोट कयलक जे वर्तमान मामलामे वादी पहिल मोकदमा के वाद प्रस्तुत कयलक, जखन कि गुरबक्स सिंह बनाम भूरालाल मे, पूर्वक वाद प्रतिवादी द्वारा साक्ष्य मे प्रस्तुत नहि कयल गेल छल।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश · 29 सितम्बर 2026

आदेश। 29 सितम्बर 2026 · 0.5 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
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