Tuesday, 29 September 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालयः मध्यस्थ न्यायाधिकरणमे धारा 9क आदेशपर अपीलीय शक्तिक अभाव अछि।

ई मामला भारत संघ आ हरिओम प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेडक बीच एकटा विवादसँ सम्बन्धित अछि कि की उच्च न्यायालय मध्यस्थता अधिनियमक धारा 37क अन्तर्गत अपील मध्यस्थता न्यायाधिकरणकेँ पठा सकैत अछि जकरा मध्यस्थता अधिनियमक अन्तर्गत आवेदनक रूपमे मानल जा सकैत अछि।

ई मामला भारत संघ आ हरिओम प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेडक बीच एकटा विवादसँ सम्बन्धित अछि कि की कोनो उच्च न्यायालय मध्यस्थता अधिनियमक धारा 37क तहत अपील मध्यस्थता न्यायाधिकरणकेँ भेज सकैत अछि जकरा धारा 17क तहत आवेदनक रूपमे मानल जा सकैत अछि। सर्वोच्च न्यायालय स्पष्ट कयलक जे मध्यस्थता न्यायाधिकरण धारा 9क तहत न्यायालय द्वारा पारित आदेश पर अपीलीय अधिकार क्षेत्रक प्रयोग नहि करैत अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ताः भारत संघ आ अन्य; प्रतिवादीः हरिओम प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड; पीठः माननीय न्यायमूर्ति अरविंद कुमार आ माननीय न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले।

अदालत की फैसला कयलक?

  • अपीलक लेल अनुमति देल गेल अछि।
  • उच्च न्यायालयक दिनांक 13-01-2026 क विवादित आदेशकेँ सीमित सीमा धरि अलग कऽ देल गेल अछि जे ओ धारा 37क अधीन कार्यवाही मध्यस्थ न्यायाधिकरणकेँ पठा दैत अछि आ ओकरा धारा 17क अन्तर्गत आवेदनक रूपमे मानल जायबाक निर्देश दैत अछि।
  • न्यायालयक निर्णय छल जे मध्यस्थ न्यायाधिकरण पक्षकारसभक सहमतिसँ सेहो धारा 9क आदेशपर अपीलीय अधिकारक प्रयोग नहि कऽ सकैत अछि।
  • न्यायालय नोट कयलक जे न्यायाधिकरण एहि मामलाकेँ जब्त कऽ लेलक अछि आ पक्षकारसभ 24-04-2026 दिनांकक पूरक समझौता कऽ चुकल अछि।
  • पक्षकारसभक बीच विवादसँ सम्बन्धित अन्य सभ मुद्दाक न्यायनिर्णयन न्यायाधिकरण द्वारा करबाक अछि।
  • अपीलकेँ उपरोक्त संशोधनक सङ्ग निपटायल जाइत अछि।
  • लंबित आवेदन, यदि कोनो हो, रिकॉर्ड करबाक लेल पठायल जाइत अछि।

दस्तावेजमे सेहो

  • न्यायालय स्पष्ट कयलक जे धारा 37क अन्तर्गत अपीलीय न्यायालयक शक्ति धारा 17क अन्तर्गत मध्यस्थ न्यायाधिकरणक शक्तिसँ भिन्न अछि आ कार्यवाहीकेँ प्रेषित कऽ एकर आदान-प्रदान नहि कयल जा सकैत अछि।
  • न्यायालय नोट कयलक जे अनुबंधक समाप्ति पर रोक लगयबाक लेल विशिष्ट प्रार्थना 03-01-2026 पर समाप्तिक कारण खर्च भऽ गेल छल, आ बादक घटनासभक आलोकमे कोनो आओर सुरक्षा पर विचार करबाक चाही।
  • आदेशकेँ'रिपोर्टेबल'आ'2026 आई. एन. एस. सी. 1044'क रूपमे चिह्नित कयल गेल अछि।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश · 29 सितम्बर 2026

आदेश। 29 सितम्बर 2026 · 0.1 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
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