Saturday, 7 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालयक न्यायाधीशसभ मुख्य न्यायाधीशसँ स्थायी संविधान पीठ पर विचार करबाक आग्रह कयलनि।

एहि मामलामे मुख्य चुनाव आयुक्त आ अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवाक शर्त आ कार्यकाल) अधिनियम, 2023क संवैधानिकताकेँ चुनौती दैत रिट याचिका सभक समूह सम्मिलित अछि, जाहिमे विशेष रूपसँ...

एहि मामलामे मुख्य चुनाव आयुक्त आ अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवाक शर्त आ कार्यकाल) अधिनियम, 2023क संवैधानिकताकेँ चुनौती दैत रिट याचिका सभक समूह सम्मिलित अछि, विशेष रूपसँ ई तर्क दैत जे नियुक्ति प्रणाली संविधानक अनुच्छेद 14 आ 324क उल्लंघन करैत अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ता-डॉ. जया ठाकुर, गोपाल सिंह, नमन शेरस्ट्रा, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज, आ लोक प्रहरी। उत्तरदाताः भारत संघ। पीठः न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता।

अदालत की फैसला कयलक?

  • अदालत 6 मई, 2026 सँ 30 जुलाई, 2026 धरि तर्क सुनलक।
  • महान्यायवादी आ महान्यायवादी न्यायालयसँ संविधानक अनुच्छेद 145 (3) क अन्तर्गत एहि मामलाकेँ कमसँ कम पाँच न्यायाधीशक संविधान पीठकेँ पठयबाक अनुरोध कयलनि।
  • याचिकाकर्ता लोकनि एहि सन्दर्भ पर आपत्ति जतबैत तर्क देलनि जे ई एकटा विलम्ब रणनीति छल आ एहि मुद्दाक लेल केवल अनूप बरनवाल बनाम भारत संघसँ तय कानूनक अनुप्रयोगक आवश्यकता छल।
  • अदालत याचिका पर अपन आदेश सुरक्षित रखलक।

दस्तावेजमे सेहो

  • लगभग दू सालसँ मामला लंबित रहबाक बाद महान्यायवादी एकटा पैघ पीठकेँ निर्देश देबाक लेल याचिका उठौलनि।
  • याचिकाकर्ता लोकनि तर्क देलनि जे 2023क अधिनियम प्रभावी रूपसँ अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ (2023) मे निर्धारित बाध्यकारी पूर्ववर्तीकेँ विधायी रूपसँ निरस्त करबाक प्रयास करैत अछि।
  • न्यायालय नोट कयलक जे प्राथमिक चुनौती 2023 अधिनियमक धारा 7क लेल अछि, जाहिमे धारा 64 आ 8 (2) क सहायक चुनौती अछि।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश रेफरल डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत संघ आ सम्बन्धित मामला 23 सितम्बर 2026

आदेश। 23 सितम्बर 2026 · 1 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
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