कौन ज़िम्मेदार? कौनजिमेदार
अनुवाद कयल गेल अछि मैथिली (मैथिली) इंडिकट्रांस2 (ए. आई., सेल्फ-होस्टेड) द्वारा। मशीनी अनुवादमे त्रुटि भऽ सकैत अछि-अंग्रेजी पाठ आ स्रोत पी. डी. एफ. आधिकारिक अछि।

दिल्ली उच्च न्यायालय बी. एन. एस. आ आई. टी. अधिनियमक अधीन समनकेँ बरकरार राखल।

एहि मामलामे याचिकाकर्ता सर्वोच्च न्यायालय परिसरमे एक व्यक्ति पर हमला करबाक लेल दूटा व्यक्तिकेँ तलब करबाक आ घटनाक एकटा वीडियो प्रसारित करबाक चुनौती दैत छथि, जाहिमे संविधानक अनुच्छेद 226 आ 227क अन्तर्गत विचारण आदेशकेँ रद्द करबाक मांग कयल गेल अछि।

याचिकाकर्ता-मीनल अग्रवाल आ अन्र (सुश्री सुमिता हजारिका, श्री प्रखर गुप्ताक माध्यमसँ); उत्तरदाताः राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली आ अन्र (श्री राहुल त्यागी, एएससीक माध्यमसँ); पीठः माननीय सुश्री न्यायमूर्ति मधु जैन

  • याचिका खारिज कऽ देल।
  • बी. एन. एस. आ आई. टी. अधिनियमक अन्तर्गत मुकदमाक सामना करबाक लेल समन बरकरार राखल गेल।
  • बी. एन. एस. आ आई. टी. अधिनियमक अन्तर्गत लेल गेल संज्ञान बरकरार राखल गेल।
  • विवादित आदेशमे कोनो हस्तक्षेप नहि।
  • लंबित आवेदनक निपटान
  • अनुपालन लेल निचली अदालतकेँ पठयबाक आदेश

ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।

मूल दस्तावेज

आदेश। 2026-09-19
एहि दस्तावेज़केँ देखबाक लेल ऊपर "पीडीएफ खोलू" पर दबाउ।
दस्तावेजक विवरण
आधिकारिक शीर्षकदिल्ली उच्च न्यायालय उच्चतम न्यायालय परिसरमे एक व्यक्ति पर हमला करबाक लेल दू गोटेकेँ समन जारी करैत अछि, वीडियो प्रसारित करैत अछि
स्रोत निकायभारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ
संदर्भ संख्या
स्थितिबन्द भऽ गेल। (आदेश)
वर्ष।2026
बन्द करबाक तिथि
दस्तावेजसभ1

चर्चा (0)

नागरिकसभ एहि दस्तावेजसभ पर चर्चा कऽ रहल छथि। एकटा चर्चा स्थल-एतऽ किछु सेहो सत्यापित तथ्य वा आधिकारिक निष्कर्ष नहि अछि। पढ़नाइ निःशुल्क अछि; भाग लेबाक लेल साइन इन करू।

खुली चर्चा (0)