उच्चतम न्यायालयः अभियोगकेँ अस्वीकार करैत दस्तावेजकेँ स्वीकार्यता पर निर्णय नहि कयल जा सकैत अछि।
एहि मामलामे बेदखली आ भाटक बकाया लेल दीवानी दावामे अपंजीकृत पूरक पट्टा विलेखक स्वीकार्यता पर विवाद शामिल अछि, सर्वोच्च न्यायालय एहि बात पर ध्यान दैत अछि कि क्या निचली अदालत मुकदमा सँ पहिने दस्तावेज के स्वीकार्यता के आधार पर वादकेँ अस्वीकार कऽ सकैत अछि।
याचिकाकर्ता-शिव कुमार सिंह आ अन्य (मूल वादी); उत्तरदाताः मेसर्स शारदा एजुकेशनल सोसाइटी (मूल प्रतिवादी); पीठः न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर
- उच्चतम न्यायालयक निर्णय छल जे सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908क आदेश VII नियम 11क अन्तर्गत वादकेँ अस्वीकृत करबाक पर विचार करैत कोनो दस्तावेजकेँ स्वीकार्यता पर निर्णय नहि कयल जा सकैत अछि।
- न्यायालय निर्देश देलक जे कोनो दस्तावेजकेँ स्वीकार करबाक प्रश्न पर विचारणक चरणमे विचार कयल जाय, न कि वादकेँ अस्वीकार करबाक चरणमे।
- निचली अदालतक निर्णयकेँ दरकिनार करैत उच्च न्यायालयक आदेशकेँ दरकिनार कऽ देल गेल आ एहि मामलाकेँ संहिताक आदेश VII नियम 11 (ए) आ (डी) क अन्तर्गत आवेदन पर नव विचार लेल निचली अदालतमे भेज देल गेल।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | ओ 7 नियम 11 सी. पी. सी। याचिका खारिज करबाक पर विचार करैत दस्तावेजक स्वीकार्यता पर निर्णय नहि कयल जा सकैत अछिः उच्चतम न्यायालय |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |