Saturday, 7 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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अनुवाद कयल गेल अछि मैथिली (मैथिली) मशीन द्वारा (इंडिकट्रांस2, हमर अपन कंप्यूटर पर)। एहिमे त्रुटि भऽ सकैत अछि-अंग्रेजी पाठ आ मूल दस्तावेज आधिकारिक अछि।

न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालय कर अधिकारीसभकेँ निर्धारित आकलनकेँ फेरसँ खोलबासँ रोकैत अछि।

मामला एकटा विवादसँ सम्बन्धित अछि जतय राजस्व (आयकरक सहायक आयुक्त) उच्च न्यायालयक ओहि पुनर्मूल्यांकन आदेशकेँ रद्द करबाक निर्णयकेँ चुनौती देलक जे निर्धारण वर्ष 2006-07 लेल ओमैक्स लिमिटेड द्वारा दावा कयल गेल कर कटौतीकेँ अनुमति नहि दैत छल।

मामला एकटा विवादसँ सम्बन्धित अछि जतय राजस्व (आयकर सहायक आयुक्त) उच्च न्यायालयक ओहि पुनर्मूल्यांकन आदेशकेँ रद्द करबाक निर्णयकेँ चुनौती देलक जे निर्धारण वर्ष 2006-07 लेल ओमैक्स लिमिटेड द्वारा दावा कयल गेल कर कटौतीकेँ अस्वीकार करैत छल, ई तर्क दैत जे आयकर निपटान आयोग द्वारा पूर्व निपटानक बावजूद निर्धारणकेँ फेरसँ खोलल जा सकैत अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः अपीलकर्ताः सहायक आयकर आयुक्त आ अन्य (राजस्व); उत्तरदाताः मेसर्स ओमैक्स लिमिटेड; पीठः न्यायमूर्ति एस. वी. एन. भट्टी।

अदालत की फैसला कयलक?

  • सर्वोच्च न्यायालय 2013क सिविल अपील संख्या 9190मे एक रिपोर्ट योग्य निर्णय जारी कयलक।
  • न्यायालय 13.07.2012 क उच्च न्यायालयक निर्णयक समीक्षा कयलक, जाहिमे 30.06.2010 क कारण दर्शाउ नोटिस आ 08.11.2011 क पुनर्मूल्यांकन आदेशकेँ रद्द कऽ देल गेल छल।
  • अंतर्निहित मुद्दामे ए. वाई. 2006-07 क लेल आयकर अधिनियम, 1961क धारा 80आई. बी. (10) क अन्तर्गत ₹. 65,65,17, 999/- क कटौतीकेँ अस्वीकृत करब शामिल छल।
  • न्यायालय आयकर निपटान आयोग (आई. टी. एस. सी.) द्वारा दिनांकित 17.03.2008 क आदेशक माध्यमसँ तय कयल गेल आकलनकेँ फेरसँ खोलबाक राजस्वक प्रयासक मान्यताक जाँच कयलक।

दस्तावेजमे सेहो

  • उच्च न्यायालय पहिने एहि पुनर्मूल्यांकन आदेशकेँ रद्द कऽ देने छल जे आयकर निपटान आयोगक आदेश अधिनियमक धारा 245-1क अन्तर्गत निर्णायक छल।
  • आयकर निपटान आयोग पहिने तथ्यक कथित गलत प्रस्तुतिक कारण निपटान आदेशकेँ अमान्य घोषित करबाक राजस्वक आवेदनकेँ खारिज कऽ देने छल।
  • विवाद एहि बात पर केन्द्रित अछि कि निर्धारण अधिकारीकेँ आयोग द्वारा पहिनेसँ तय कयल गेल निर्धारण वर्षक लेल धारा 148क अन्तर्गत नोटिस जारी करबाक अधिकारिता छल कि नहि।

ई कोना लिखल गेल छल?

हमर अपन कंप्यूटर पर चलैत एकटा ए. आई. मॉडल सरकारी दस्तावेज पढ़ैत अछि आ ई सारांश लिखैत अछि। कोनो व्यक्ति एकर जाँच नहि कयने अछि।

आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।

ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश · 16 सितम्बर 2026

आदेश। 16 सितम्बर 2026 · 0.3 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
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