न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय
मालिक द्वारा अपील वापस लेबाक बाद उच्चतम न्यायालय पट्टेदारकेँ बेदखलीकेँ चुनौती देबासँ रोकैत अछि।
मामला एहि बातसँ संबंधित अछि कि जमीन मालिक (न्यासक) द्वारा बेदखल करबाक चुनौतीकेँ वापस लेबाक बाद पट्टाधारक कोनो सम्पत्तिकेँ बेदखल करबाक राज्यकेँ चुनौती देबाक लेल रिट याचिका दायर कऽ सकैत छथि कि नहि।
सर्वोच्च न्यायालयक निर्णय छल जे पट्टेदार एहन रिट याचिका दायर नहि कऽ सकैत छथि किएक तँ मालिक द्वारा अपन अपीलकेँ वापस लेबाक कारणेँ बेदखली आदेशक चुनौती प्रभावी रूपसँ समाप्त भऽ गेल, जाहि सँ पट्टेदारकेँ केवल लंबित दीवानी मोकद्दमाक माध्यमसँ राहत प्राप्त करबाक लेल छोड़ि देल गेल।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः अपीलकर्ताः तेलंगाना राज्य आ अन्य। उत्तरदाताः एम. ए. गार्डन फंक्शन हॉल आ अन्य (पट्टेदार)। पीठः न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा आ न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर।
अदालत की फैसला कयलक?
- 2025क रिट याचिका संख्या 27715 आ 27718मे एकल न्यायाधीशक दिनांक 12.09.2025 क आदेशकेँ अपास्त करू।
- 2025क रिट अपील संख्या 1031 आ 1032मे 30.12.2025 दिनांकित खण्डपीठक निर्णयकेँ अपास्त करू।
- राज्य द्वारा दायर अपीलकेँ अनुमति देल गेल।
- परिसरकेँ बन्द करबाक राज्यक कार्रवाईमे हस्तक्षेप नहि कयल गेल।
- ध्यान देल गेल जे एकटा दीवानी वाद विचारण न्यायालयक समक्ष विचाराधीन अछि आ एकर गुण-गुणक आधार पर निर्णय लेल जाय चाही।
दस्तावेजमे सेहो
- न्यायालयक अवलोकन छल जे पट्टाधारक लोकनि ट्रस्ट (मालिक) द्वारा अपन विशेष अनुमति याचिका वापस लेबाक बाद मात्र रिट याचिका दायर कयलनि, जाहिमे सुझाव देल गेल छल जे पट्टाधारक अंतरिम सुरक्षा प्राप्त करबाक प्रयास कऽ रहल छलाह जकर मालिक आब रिटक माध्यमसँ मांग नहि कऽ सकैत छथि।
- न्यायालय नोट कयलक जे न्यासकेँ एकटा नव दीवानी मुकदमा दायर करबाक स्वतन्त्रता देल गेल छल, जे बादमे दायर कयल गेल छल, मुदा निर्धारित दस दिनक अवधिमे ट्रायल कोर्ट द्वारा कोनो अंतरिम आदेश नहि देल गेल छल।
ई कोना लिखल गेल छल?
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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
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मूल दस्तावेज
भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ
अदालतक आदेश रेफ. बेदखलक खिलाफ रिट याचिका जखन जमीन मालिकक चुनौती वापस लेल गेल छलः सुप्रीम कोर्ट · 16 सितंबर 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।