उड़ीसा उच्च न्यायालय एस. बी. आई. केँ 30 वर्षक बाद दूटा बैंक सफाईकर्ताकेँ भुगतान करबाक आदेश देलक।
उड़ीसा उच्च न्यायालय दूटा अपील (2025क डब्ल्यू. ए. संख्या 1274 आ 1310) मे एकटा फैसला जारी कयलक जाहिमे दूटा दैनिक वेतन बैंक सफाईकर्ताक सम्बन्धमे जे लगभग 30 साल धरि एस. बी. आइ. क सेवा कयने छलाह। दस्तावेज नागरिकसभक लेल महत्वपूर्ण अछि किएक तँ ई नियमितकरण, क्षतिपूर्ति, आ अदालतक पूर्व आदेशक व्याख्याक संबंधमे दीर्घकालिक अनुबंध कर्मचारीसभक कानूनी अधिकारकेँ संबोधित करैत अछि।
दस्तावेज मायधर नायक आ बैना नायक (अपीलार्थी, पूर्व दैनिक वेतन सफाईकर्ता), भारतीय स्टेट बैंक (प्रतिवादी), आ उड़ीसा उच्च न्यायालय (जारीकर्ता प्राधिकरण) सँ सम्बन्धित अछि।
- अपीलार्थीसभ भुवनेश्वरमे एस. बी. आई. सरकारी कोषागार शाखामे लगभग 30 साल धरि (1994/1995 क बादसँ) दैनिक वेतन सफाईकर्मी/सफाईकर्मीक रूपमे काज कयलनि।
- अदालतक पूर्व आदेश (2007 आ 2008) बैंककेँ निर्देश देलक जे यदि रिक्तियां उत्पन्न होइत अछि तऽ अपीलार्थीकेँ नियमित करबाक लेल विचार करय आ न्यूनतम वेतनक भुगतान करय, मुदा बिना शर्त नियमितताक अनुमति नहि देलक।
- बैंक औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947क धारा 25एफक अन्तर्गत अपीलकर्तासभकेँ 19.07.2025 पर हटा देलक आ प्रत्येककेँ छंटाई क्षतिपूर्ति के रूप मे 3,30,934-क भुगतान कयलक।
- एकल न्यास पहले अपने हित में सोच (2012क डबल यूपी (सी) No.24692 आ 2020क डबल यूपी (सी) No.15989) के बारे में पता चलता है।
- उच्च न्यायालयक पीठ (न्यायमूर्ति कृष्ण एस. दीक्षित आ चित्तरंजन दास) नोट कयलक जे अपीलकर्तासभ लग राहत लेल'प्रथम दृष्टिसँ मामला'छल आ सेवाक दीर्घताक कारण कानून हुनक पक्षमे झुकी जाइत अछि।
- अदालत सुलह करबाक प्रयास कयलक; बैंक प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपयाक प्रस्ताव देलक, जकरा अपीलार्थीसभ खारिज कऽ देलक, ई कहि कऽ जे ओ प्रति व्यक्ति 25 लाख रुपया स्वीकार करत।
- न्यायालय उच्चतम न्यायालयक उदाहरण (जगगो बनाम भारत संघ, 2024 आई. एन. एस. सी. 1034 आ श्रीपाल बनाम नगर निगम, 2025 आई. एन. एस. सी. 144) क हवाला देलक जे दीर्घकालिक दैनिक वेतनभोगी श्रमिकक लेल नियमितताक समर्थन करैत अछि।
- न्यायालय नोट कयलक जे अपीलकर्तासभकेँ 10 वर्षक सेवा पूरा करबाक तिथिसँ नियमित करबाक परिणामस्वरूप बैंकक लेल महत्वपूर्ण वित्तीय दायित्व होयत।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | उड़ीसा उच्च न्यायालयः 30 साल बाद, ओडिशा है कोर्ट ने एस. बी. आई. को दो बैंक को 40 लाख रुपये का देश दिया |
| स्रोत निकाय | सी. जे. पी. द्वारा न्यायालय आ न्यायाधिकरणसभ सामने आयल। |
| संदर्भ संख्या | a5699477319d2596 |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (अदालत) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |