सर्वोच्च न्यायालय नागरिकताक निर्धारणमे उचित प्रक्रिया अनिवार्य मानैत अछि।
ई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ द्वारा जारी भारतक सर्वोच्च न्यायालयक एकटा निर्णय (2026 आई. एन. एस. सी. 694) अछि जे विदेशी न्यायाधिकरण द्वारा नागरिकता निर्धारणमे आवश्यक प्रक्रियात्मक निष्पक्षताकेँ संबोधित करैत अछि। ई नागरिकसभक लेल महत्वपूर्ण अछि कारण ई स्थापित करैत अछि जे कोनो व्यक्तिकेँ मामला लड़बाक सार्थक अवसर प्रदान कयलाक बिना'विदेशी'घोषित करब उचित प्रक्रियाक उल्लंघन करैत अछि।
ई फैसला असम, नागालैंड, मिजोरम, आ अरुणाचल प्रदेश, भारत संघ, आ एहि राज्यक उच्च न्यायालयमे विदेशी न्यायाधिकरण या अवैध प्रवासी (निर्धारण) न्यायाधिकरण द्वारा'विदेशी'घोषित व्यक्तिसभसँ सम्बन्धित अछि।
- सर्वोच्च न्यायालय निर्णय देलक जे नागरिकताक स्थितिक वैधानिक निर्धारण सन्दर्भकेँ चुनौती देबाक लेल पूर्ण आ सार्थक अवसरक सङ्ग कयल जाय।
- न्यायालय पहिचान कयलक जे अपीलक समूहमे सामान्य शिकायत ई छल जे ओहि कार्यवाहीमे राय देल गेल छल जे या तँ एकपक्षीय छल या प्रभावी रूपसँ एकपक्षीय भऽ गेल छल।
- निर्णय ओहि मामलाकेँ संबोधित करैत अछि जतय अपीलकर्ताकेँ नोटिस प्राप्त करबाक, न्यायाधिकरणक समक्ष उपस्थित होयबाक, या लिखित बयान दाखिल करबाक बावजूद विदेशी घोषित कयल गेल छल, मुदा बादमे अनुपस्थित घोषित कयल गेल छल या साक्ष्य प्रस्तुत करबामे विफल रहल छल, जाहिसँ एकपक्षीय आदेश देल गेल।
- न्यायालय पुष्टि कयलक जे नागरिकता निर्धारण कार्यवाहीक लेल उचित प्रक्रिया अनिवार्य आवश्यकता अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | भारतक सर्वोच्च न्यायालयः'निष्पक्षता आ तर्क': उच्चतम न्यायालयक निर्णय जे नागरिकता निर्धारण लेल उचित प्रक्रिया आवश्यक अछि |
| स्रोत निकाय | सी. जे. पी. द्वारा न्यायालय आ न्यायाधिकरणसभ सामने आयल। |
| संदर्भ संख्या | 861इएफएफबीडी3एफ270305 |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (अदालत) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |