कौन ज़िम्मेदार? कौनजिमेदार
अनुवाद कयल गेल अछि मैथिली (मैथिली) इंडिकट्रांस2 (ए. आई., सेल्फ-होस्टेड) द्वारा। मशीनी अनुवादमे त्रुटि भऽ सकैत अछि-अंग्रेजी पाठ आ स्रोत पी. डी. एफ. आधिकारिक अछि।

विधेयकमे रेलवे सम्पत्तिक चोरी, गबनकेँ दंडनीय अपराधक रूपमे जोड़ल गेल अछि।

ई विधेयक रेलवे संपत्ति (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम, 1966मे संशोधन करैत अछि, जाहिमे रेलवे संपत्तिक चोरी आ बेईमान दुरुपयोगकेँ स्पष्ट रूपसँ दंडनीय अपराधक रूपमे सम्मिलित कयल गेल अछि। ई एहन अपराधमे सहयोग अथवा षड्यंत्रकारीकेँ सजा देबाक दायरा सेहो बढ़बैत अछि आ जाँच अधिकारीसभकेँ गिरफ्तारीक बाद नहि, अपितु कोनो अपराधक जानकारी प्राप्त कयलाक बाद जाँच शुरू करबाक अनुमति दैत अछि।

एहन व्यक्ति जे रेलवे सम्पत्तिक चोरी, दुरुपयोग, या गैरकानूनी रूप सँ स्वामित्व करैत अछि; भूमि/भवनक मालिक या अधिभोगकर्ता जे एहन अपराधमे मिली-जुली करैत अछि; आ एहन व्यक्ति जे एहि अपराधकेँ करबाक लेल उकसबैत अछि या षड्यंत्र करैत अछि।

  • भारतीय दंड संहिताक सन्दर्भमे एहि शर्तसभकेँ परिभाषित करैत रेलवे सम्पत्तिक'चोरी'आ'बेईमान दुरुपयोग'केँ स्पष्ट रूपसँ दंडित करबाक लेल धारा 3मे संशोधन कयल गेल अछि।
  • एहि अधिनियमक अन्तर्गत कोनो अपराधमे'प्रोत्साहन या षड्यंत्र'करयवला कोनो व्यक्ति केँ दंडित करबाक लेल धारा 4मे संशोधन कयल गेल अछि, एकर अतिरिक्त एहन अपराधमे मिलीभुगत करयवला मालिक या अधिभोगीक सेहो।
  • धारा 8मे संशोधन कयल गेल अछि जाहि सँ रेलवे सुरक्षा बलक अधिकारीकेँ अपराध करबाक जानकारी प्राप्त होयबा पर जाँच आगू बढ़बाक अनुमति भेटैत अछि, न कि केवल जखन कोनो व्यक्तिकेँ गिरफ्तार कयल जाइत अछि।

ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।

ई कानून आब कहाँ अछि? - कानून (अधिनियम) बनल।

मूल दस्तावेज

बिल 2008-12-18
एहि दस्तावेज़केँ देखबाक लेल ऊपर "पीडीएफ खोलू" पर दबाउ।
विधेयक पारित भेल आरएस 2011-12-22
एहि दस्तावेज़केँ देखबाक लेल ऊपर "पीडीएफ खोलू" पर दबाउ।
दस्तावेजक विवरण
आधिकारिक शीर्षकरेलवे संपत्ति (गैरकानूनी कब्जा) संशोधन विधेयक, 2012
स्रोत निकायभारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा)
संदर्भ संख्याLXIX
स्थितिबन्द भऽ गेल। (बिल)
वर्ष।2008
बन्द करबाक तिथि
दस्तावेजसभ2

चर्चा (0)

नागरिकसभ एहि दस्तावेजसभ पर चर्चा कऽ रहल छथि। एकटा चर्चा स्थल-एतऽ किछु सेहो सत्यापित तथ्य वा आधिकारिक निष्कर्ष नहि अछि। पढ़नाइ निःशुल्क अछि; भाग लेबाक लेल साइन इन करू।

खुली चर्चा (0)