THE MINES (AMENDMENT) BILL, 2011
ई विधेयक सुरक्षा विनियमकेँ अद्यतन करबाक लेल खान अधिनियम, 1952मे संशोधन करैत अछि, विदेशी कम्पनी आ विशिष्ट निगमित अधिकारीकेँ शामिल करबाक लेल खदान मालिकक परिभाषाक विस्तार करैत अछि, आ उल्लंघनक लेल जुर्मानेमे उल्लेखनीय वृद्धि करैत अछि। एकर उद्देश्य तकनीकी परिवर्तन, गहन खनन संचालन आ एहि क्षेत्रमे विदेशी सहभागितासँ उत्पन्न नव सुरक्षा जोखिमकेँ दूर करब अछि।
खनिक मालिक (भारतीय कम्पनी, विदेशी कम्पनी, फर्म, स्थानीय अधिकारी, आ ठेकेदार सहित), खनिक प्रबंधक, निदेशक, विदेशी कंपनीक प्रमुख अधिकारी, आ खनिक पर्यवेक्षण लेल नियुक्त अभिकर्ता।
- भारतक क्षेत्रीय जल, महाद्वीपीय शेल्फ, विशेष आर्थिक क्षेत्र, आ अन्य समुद्री क्षेत्रकेँ शामिल करबाक लेल अधिनियमक प्रयोज्यता के विस्तार करैत अछि।
- प्रबंध निदेशक, पूर्णकालिक निदेशक, विदेशी कंपनीक प्रमुख अधिकारी, भागीदार, आ ठेकेदार/उप-रहितकेँ शामिल करबाक लेल'मालिक'केँ पुनः परिभाषित करैत अछि, जखन कि अंतिम मालिकक लेल दायित्व बना रहल अछि।
- भारत मे अभिकर्ता के योग्यता आ निवास (कम सँ कम 182 दिन प्रति वर्ष) के लेल विशिष्ट आवश्यकता के संग, खदान मालिक के पर्यवेक्षण के लेल पर्याप्त संख्या मे अधिकारी आ अभिकर्ता के नियुक्त करै के अनिवार्य छैक।
- विभिन्न अपराधक लेल जुर्माने आ कारावासक अवधिमे उल्लेखनीय वृद्धि होइत अछि (जेना, जुर्मानेकेँ सैकड़ोंसँ बढा कऽ लाख रुपये कऽ देल गेल; कारावासक अवधि माससँ बढा कऽ वर्ष कऽ देल गेल)।
- लगातार उल्लंघन लेल अतिरिक्त दैनिक जुर्मानेक प्रावधान प्रस्तुत करैत अछि आ यदि उल्लंघन दोषी ठहराओलाक बाद एक सालसँ बेसी जारी रहैत अछि तँ कारावासकेँ सात साल धरि बढ़बैत अछि।
- किछु मामिलामे सबूतक भार अभियुक्तकेँ देल जाइत अछि ई प्रदर्शित करबाक लेल जे सुरक्षा आवश्यकताक पालन उचित रूपसँ व्यवहार्य नहि छल।
- ई स्पष्ट करैत अछि जे अन्य प्रावधानक परवाह किए बिना, खदानक मामिलापर अंतिम नियंत्रण वला कोनो व्यक्तिक लेल दायित्व जारी रहैत अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | खनन (संशोधन) विधेयक, 2011 |
| स्रोत निकाय | भारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | X |
| स्थिति | सक्रिय अछि। (बिल) |
| वर्ष। | 2011 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |