विधेयक झाँसीमे रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयक निर्माण करैत अछि।
ई विधेयक रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयकेँ एकटा केन्द्रीय संस्थानक रूपमे स्थापित करैत अछि जे विशेष रूपसँ बुंदेलखंड क्षेत्रक लेल कृषि आ सम्बद्ध विज्ञानमे शिक्षा, अनुसंधान आ विस्तार सेवा प्रदान करैत अछि।
ई विधेयक नव विश्वविद्यालय, एकर छात्र, शिक्षक आ कर्मचारी, निर्दिष्ट अधिकार क्षेत्रक भीतर महाविद्यालय आ शोध संस्थान आ भारत सरकार (विशेष रूपसँ भारत के राष्ट्रपति आगंतुकक रूपमे आ अनुमोदन लेल केन्द्र सरकार) केँ प्रभावित करैत अछि। ई बुंदेलखंड क्षेत्र पर लागू होइत अछि, जाहिमे उत्तर प्रदेशक सात जिला (बंदा, चित्रकूट, हमीरपुर, जालौन, झाँसी, ललितपुर, महोबा) आ मध्य प्रदेशक छह जिला (छतरपुर, दमोह, दतिया, पन्ना, सागर, टीकमगढ़) शामिल अछि।
- उत्तर प्रदेशक झाँसीमे मुख्यालयक सङ्ग रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालयक स्थापना करैत अछि।
- झाँसी (उत्तर प्रदेश) मे दूटा महाविद्यालय आ बादमे मध्य प्रदेश मे दूटा महाविद्यालयक स्थापना अनिवार्य अछि।
- यू. पी. आ एम. पी. क विशिष्ट जिला पर विश्वविद्यालयक अधिकार क्षेत्रकेँ परिभाषित करैत अछि, जे विद्यमान महाविद्यालय आ शोध केन्द्रकेँ संबद्धक बजाय घटक इकाईक रूपमे अपन प्रत्यक्ष प्रबन्धनमे लबैत अछि।
- भारतक राष्ट्रपतिकेँ विश्वविद्यालयक आगंतुकक रूपमे नामित करैत अछि, जकरा प्रशासन आ वित्तक निरीक्षण आ जाँच करबाक अधिकार अछि।
- विश्वविद्यालयकेँ डिग्री, डिप्लोमा, आ मानद सम्मान प्रदान करबाक आ परिसर, प्रयोगशाला आ कृषि विज्ञान केन्द्रक स्थापना करबाक शक्ति प्रदान करैत अछि।
- महिला, विकलांग व्यक्ति आ समाजक कमजोर वर्ग लेल विशेष प्रावधानक अनुमति दैत विश्वविद्यालयकेँ सभ वर्ग, जाति आ पंधक लेल खुला रखबाक आवश्यकता छैक।
- प्रबंधन बोर्ड, शैक्षणिक परिषद, अनुसंधान परिषद, आ विस्तार शिक्षा परिषद सहित विशिष्ट शासी निकायसभक निर्माण करैत अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय विधेयक, 2014 |
| स्रोत निकाय | भारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | X |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (बिल) |
| वर्ष। | 2012 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 2 |