कौन ज़िम्मेदार? कौनजिमेदार
अनुवाद कयल गेल अछि मैथिली (मैथिली) इंडिकट्रांस2 (ए. आई., सेल्फ-होस्टेड) द्वारा। मशीनी अनुवादमे त्रुटि भऽ सकैत अछि-अंग्रेजी पाठ आ स्रोत पी. डी. एफ. आधिकारिक अछि।

रियल एस्टेट विधेयक जम्मू-कश्मीरकेँ एकर दायरेसँ बाहर करैत अछि।

एहि विधेयकक उद्देश्य भूखंड, अपार्टमेंट वा भवनक कुशल आ पारदर्शी बिक्री सुनिश्चित कऽ रियल एस्टेट क्षेत्रकेँ विनियमित आ बढ़ावा देब। एकर उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्रमे उपभोक्ताक हितक रक्षा करब छैक।

ई विधेयक रियल एस्टेट प्रवर्तक (विकासकर्ता), रियल एस्टेट एजेंट, आवंटनकर्ता (खरीदार/उपभोक्ता), आ रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण पर लागू होइत अछि। ई जम्मू-कश्मीर राज्यकेँ छोड़ि पूरा भारतमे लागू होइत अछि।

  • रियल एस्टेट परियोजना आ रियल एस्टेट एजेंटक रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीमे अनिवार्य पूर्व पंजीकरण।
  • प्रवर्तकसभ पर बिना कोनो बिक्री करारमे प्रवेश कयल जमा अथवा अग्रिम लेबाक निषेध।
  • एहि क्षेत्रक विनियमन लेल एकटा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणक स्थापना, जाहिमे सूचना मंगयबाक, जाँच करबाक आ निर्देश जारी करबाक अधिकार अछि।
  • प्राधिकरणक निर्णयक अपील सुनबाक लेल रियल एस्टेट अपीलीय न्यायाधिकरणक स्थापना।
  • केन्द्रीय सलाहकार परिषदक स्थापना।
  • पंजीकरण नहि करबाक लेल दंड आ अपराध, नियमक उल्लंघन, आ प्रवर्तक वा आबंटित द्वारा आदेशक पालनमे जानबूझकर विफलता लेल प्रावधान।
  • विज्ञापनक सत्यता आ अनुमोदित योजनासभक पालनक संबंधमे प्रवर्तकसभ पर दायित्व।

ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।

ई कानून आब कहाँ अछि? - कानून (अधिनियम) बनल।

मूल दस्तावेज

विधेयक दुनू पारित भेल।
एहि दस्तावेज़केँ देखबाक लेल ऊपर "पीडीएफ खोलू" पर दबाउ।
बिल 2013-08-14
एहि दस्तावेज़केँ देखबाक लेल ऊपर "पीडीएफ खोलू" पर दबाउ।
विधेयक पारित भेल आरएस 2016-03-10
एहि दस्तावेज़केँ देखबाक लेल ऊपर "पीडीएफ खोलू" पर दबाउ।
दस्तावेजक विवरण
आधिकारिक शीर्षकवास्तविक संपदा (विनियमन आ विकास) विधेयक, 2016
स्रोत निकायभारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा)
संदर्भ संख्याXLVI
स्थितिबन्द भऽ गेल। (बिल)
वर्ष।2013
बन्द करबाक तिथि
दस्तावेजसभ3

चर्चा (0)

नागरिकसभ एहि दस्तावेजसभ पर चर्चा कऽ रहल छथि। एकटा चर्चा स्थल-एतऽ किछु सेहो सत्यापित तथ्य वा आधिकारिक निष्कर्ष नहि अछि। पढ़नाइ निःशुल्क अछि; भाग लेबाक लेल साइन इन करू।

खुली चर्चा (0)