Sunday, 8 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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संसद भारतक संसद

न्यायिक नियुक्ति आयोग विधेयक संविधानक अनुच्छेद 124क सन्दर्भ दैत अछि।

ई विधेयक भारतक मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालयक न्यायाधीश आ उच्च न्यायालयक न्यायाधीशक रूपमे नियुक्ति लेल उम्मीदवारक सिफारिश करबाक लेल एकटा न्यायिक नियुक्ति आयोगक स्थापना करैत अछि।

एकर उद्देश्य न्यायपालिका आ कार्यपालिका दुनूकेँ सम्मिलित करबाक लेल नियुक्ति प्रक्रियाकेँ व्यापक बनाना अछि, जाहि सँ न्यायाधीशसभक चयनमे पारदर्शिता आ उत्तरदायित्वमे वृद्धि होयत अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः ई विधेयक केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, भारतक मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय आ उच्च न्यायालयक न्यायाधीश, केन्द्रीय कानून आ न्याय मंत्री, प्रधानमन्त्री, लोकसभामे विपक्षक नेता, आ न्याय विभागमे भारत सरकारक सचिवकेँ प्रभावित करैत अछि।

बिल की करैत अछि?

  • आयोगमे भारतक मुख्य न्यायाधीश (अध्यक्ष), उच्चतम न्यायालयक दूटा वरिष्ठ न्यायाधीश, केन्द्रीय कानून मंत्री, आ प्रधानमन्त्री, सीजेआई, आ विपक्षक नेता के कॉलेजियम द्वारा नामित दूटा प्रतिष्ठित व्यक्ति शामिल छथि।
  • आयोगक कर्तव्यमे न्यायिक नियुक्तिक लेल व्यक्तिक सिफारिश करब, उच्च न्यायालयक न्यायाधीशसभक स्थानान्तरणक सिफारिश करब, आ उम्मीदवारक क्षमता, सत्यनिष्ठा आ स्थिति सुनिश्चित करब शामिल अछि।
  • उच्च न्यायालयक नियुक्तिक लेल राज्यक राज्यपाल, मुख्यमन्त्री आ उच्च न्यायालयक मुख्य न्यायाधीशक विचार लिखित रूपसँ प्राप्त करबाक चाही।
  • केन्द्र सरकारकेँ अधिनियम लागू भेलाक तीन मासक भीतर आयोगकेँ विद्यमान रिक्तिकेँ पठयबाक चाही आ भविष्यक रिक्तिकेँ उत्पन्न होयबाक दू महीना पहिने वा ओकर बाद पठयबाक चाही।
  • न्याय विभागमे भारत सरकारक सचिव आयोगक संयोजकक रूपमे काज करैत छथि।
  • केन्द्र सरकार आ आयोगक लग अधिनियमक प्रावधानकेँ पूरा करबाक लेल नियम आ विनियम बनयबाक अधिकार अछि।
  • एहि अधिनियमक अन्तर्गत बनाओल गेल नियम आ विनियमसभ संसदक दुनू सदनक समक्ष कुल तीस दिनक अवधि लेल राखल जाय।

दस्तावेजमे सेहो

  • विधेयक संविधानक अनुच्छेद 124एक सन्दर्भ दैत अछि, जे इंगित करैत अछि जे एकर उद्देश्य संवैधानिक प्रावधानकेँ प्रभावी करब अछि।
  • आयोगमे दूटा प्रतिष्ठित व्यक्तिकेँ तीन वर्षक अवधिक लेल नामित कयल जाइत अछि आ ओ पुनः नामाङ्कन लेल पात्र नहि छथि।
  • केन्द्र सरकार एहि अधिनियमकेँ लागू करबामे कठिनाइसभकेँ दूर करबाक आदेश दऽ सकैत अछि बशर्ते कि एहन आदेश प्रारम्भ भेलाक तीन वर्षक भीतर देल जाए।
  • वित्तीय ज्ञापनमे कहल गेल अछि जे आयोगक खर्च भारतक संचित कोषसँ पूरा कयल जायत।

ई विधेयक आब कहाँ अछिः हटाओल गेल।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा)

विधेयक/कानून · संदर्भ. एलएक्सआई · 29 अगस्त 2013

बिल 29 अगस्त 2013 · 0.1 एमबी दस्तावेज खोलू। sansad.in पर
एकरा एतऽ पढ़ू।

चर्चा।

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