Sunday, 8 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
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संसद भारतक संसद

आपराधिक प्रक्रिया विधेयक 1920 अधिनियमकेँ निरस्त करैत अछि, बायोमेट्रिक डेटा संग्रहक विस्तार करैत अछि

ई विधेयक कैदी पहचान अधिनियम, 1920 के स्थान लैत अछि, जे आपराधिक पहचान आ आपराधिक अपराध हेतु विशिष्ट व्यक्ति सँ आधुनिक बायोमेट्रिक आ भौतिक माप (जेना आइरिस स्कैन आ डी. एन. ए. नमूना) लेल अधिकृत करैत अछि।

ई विधेयक अपराधीक पहचान आ जाँचक लेल विशिष्ट व्यक्तिसभसँ आधुनिक बायोमेट्रिक आ भौतिक माप (जेना आइरिस स्कैन आ डी. एन. ए. नमूना) लेल अधिकृत करबाक लेल कैदीक पहचान अधिनियम, 1920क स्थान लैत अछि। एकर उद्देश्य एकत्रित आंकड़ाक प्रकार आ संग्रहक अधीन लोकक श्रेणीक विस्तार कऽ अपराध जाँचकेँ अधिक कुशल बनाना अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः ई कानून अपराधमे दोषी ठहराओल गेल व्यक्ति, नीक व्यवहारक लेल सुरक्षा देबाक आदेश देल गेल व्यक्ति, आ निवारक निरोध कानूनक तहत गिरफ्तार या हिरासतमे लेल गेल व्यक्ति सभकेँ प्रभावित करैत अछि। ई पुलिस अधिकारी, जेल अधिकारी, मजिस्ट्रेट, आ राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एन. सी. आर. बी.) पर सेहो लागू होइत अछि।

बिल की करैत अछि?

  • अङ्गुली, हथेली, आ पैरक छाप, फोटो, आईरिस आ रेटिना स्कैन, शारीरिक/जैविक नमूना, आ हस्ताक्षर सन व्यवहार संबंधी विशेषतासभकेँ सम्मिलित करबाक लेल'माप'केँ परिभाषित करैत अछि।
  • राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एन. सी. आर. बी.) राष्ट्रीय स्तर पर मापन अभिलेखक संग्रह, भण्डारण, संरक्षण, प्रक्रिया आ साझा करबाक आदेश दैत अछि।
  • मापन अभिलेखकेँ डिजिटल अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूपमे 75 साल धरि रखबाक आवश्यकता होइत अछि, जखन धरि कि व्यक्ति कानूनी उपचार समाप्त भेलाक बाद बरी नहि भऽ जाइत अछि अथवा रिहा नहि भऽ जाइत अछि, एहि मामलामे अभिलेखसभकेँ तब धरि नष्ट करबाक आवश्यकता होइत अछि जखन धरि न्यायालय अन्यथा निर्देश नहि दैत अछि।
  • मजिस्ट्रेटकेँ अधिकार अछि जे ओ कोनो व्यक्तिकेँ जाँचक लेल समीचीन मानल जाए तऽ माप प्रदान करबाक आदेश दऽ सकय।
  • यदि कोनो व्यक्ति विरोध करैत अछि वा मना करैत अछि तँ पुलिस या जेल अधिकारीकेँ जबरदस्ती मापबाक अनुमति दैत अछि।
  • भारतीय दंड संहिताक धारा 186क अन्तर्गत मापकेँ अनुमति देबाक लेल प्रतिरोध अथवा मना करब अपराध मानल जाइत अछि।
  • एहि अधिनियमक अन्तर्गत सद्भावनासँ काज करैवला व्यक्तिक विरुद्ध कानूनी मुकदमासभ पर रोक लगबैत अछि।
  • केन्द्र आ राज्य सरकारसभकेँ अधिनियमक कार्यान्वयनक लेल नियम बनयबाक अधिकार दैत अछि, जे संसदीय/विधायी समीक्षाक अधीन अछि।

दस्तावेजमे सेहो

  • ई विधेयक कैदी पहचान अधिनियम, 1920केँ निरस्त करैत अछि।
  • एहिमे एकटा प्रावधान शामिल अछि जे अपराधक लेल गिरफ्तार कयल गेल व्यक्ति (महिला/बच्चाक विरुद्ध या 7 + वर्षक कारावाससँ दंडनीयकेँ छोड़ि) जैविक नमूना प्रदान करबाक लेल बाध्य नहि भऽ सकैत अछि।
  • एहि अधिनियमक अन्तर्गत कठिनाइसभकेँ दूर करबाक शक्ति प्रारम्भक तीन साल बाद समाप्त भऽ जाइत अछि।

ई विधेयक आब कहाँ अछिः कानून बनि गेल (अधिनियम)

ई कोना लिखल गेल छल?

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आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।

ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा)

विधेयक/कानून · संदर्भ 93·4 अप्रैल 2022

विधेयक दुनू पारित भेल। 0.2 MB दस्तावेज खोलू। sansad.in पर
अधिनियम राजपत्र 18 अप्रैल 2022 · 0.3 एमबी दस्तावेज खोलू। sansad.in पर
बिल 28 मार्च 2022 · 0.1 एमबी दस्तावेज खोलू। sansad.in पर
विधेयक पारित एलएस 4 अप्रैल 2022 · 0.1 एमबी दस्तावेज खोलू। sansad.in पर
एकरा एतऽ पढ़ू।

चर्चा।

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