संसद भारतक संसद
विधेयक खनिजक लेल नव'अन्वेषण अनुज्ञापत्र'बनबैत अछि, राज्यक कार्रवाईकेँ ओवरराइड करैत अछि
ई विधेयक सातम अनुसूचीमे सूचीबद्ध खनिजसभक लेल एकटा नव'अन्वेषण अनुज्ञापत्र'लागू करबाक लेल खान आ खनिज (विकास आ विनियमन) अधिनियम, 1957मे संशोधन करैत अछि आ अनिवार्य करैत अछि जे ई अनुज्ञापत्र प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम सँ देल जाय।
ई विधेयक सातम अनुसूचीमे सूचीबद्ध खनिजसभक लेल एकटा नव'अन्वेषण अनुज्ञापत्र'लागू करबाक लेल खान आ खनिज (विकास आ विनियमन) अधिनियम, 1957मे संशोधन करैत अछि आ अनिवार्य करैत अछि जे ई अनुज्ञापत्र प्रतिस्पर्धात्मक बोली (नीलामी) क माध्यमसँ देल जाय। ई केन्द्र सरकारकेँ पहिल अनुसूचीक भाग डीमे सूचीबद्ध विशिष्ट खनिजसभक खनन पट्टाक लेल नीलामी करबाक अधिकार सेहो दैत अछि।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः ई कानून राज्य सरकारसभ (जे क्षेत्रकेँ अधिसूचित करैत अछि आ अनुज्ञापत्र दैत अछि), केन्द्र सरकार (जे नीलामी कऽ सकैत अछि अथवा राज्य सरकारकेँ निर्देशित कऽ सकैत अछि), आ आवेदक अथवा अन्वेषण अनुज्ञापत्र, खनन पट्टा, आ सातम अनुसूची आ पहिल अनुसूचीक भाग डीमे विनिर्दिष्ट खनिज लेल मिश्रित अनुज्ञापत्रक धारकसभकेँ प्रभावित करैत अछि।
बिल की करैत अछि?
- सातम अनुसूचीमे खनिजसभक टोही वा सम्भावित प्रचालन लेल'अन्वेषण अनुज्ञापत्र'के परिभाषा देल गेल अछि।
- ई-नीलामी सहित प्रतिस्पर्धी बोली द्वारा नीलामी के माध्यम सँ अन्वेषण लाइसेंस देल जाय के अनिवार्य अछि।
- यदि राज्य सरकार एकटा निश्चित अवधिक भीतर एना करबामे विफल रहैत अछि तँ केन्द्र सरकारकेँ अन्वेषण अनुज्ञापत्रक लेल क्षेत्रकेँ अधिसूचित करबाक अनुमति दैत अछि।
- यदि राज्य सरकार एकटा निश्चित अवधिक भीतर एकरा पूरा करबामे विफल रहैत अछि तँ केन्द्र सरकारकेँ नीलामीक संचालन करबाक अनुमति दैत अछि।
- अन्वेषण अनुज्ञापत्रक अवधि पाँच वर्ष निर्धारित करैत अछि, जकरा विशिष्ट शर्तक अन्तर्गत दू वर्ष धरि बढ़ाओल जा सकैत अछि।
- धारककेँ तीन वर्षक बाद 75 प्रतिशत क्षेत्रकेँ समर्पण करबाक आवश्यकता होइत अछि, निरंतर संचालनक लेल मात्र 25 प्रतिशत धरि राखबाक आवश्यकता होइत अछि।
- धारककेँ संचालन पूरा करबाक अथवा अनुज्ञापत्रक अवधि समाप्त भेलाक तीन मासक भीतर भूगर्भीय रिपोर्ट प्रस्तुत करबाक आवश्यकता होइत अछि।
- ई अनिवार्य अछि जे केन्द्र या राज्य सरकार भूगर्भीय रिपोर्ट प्राप्त भेलाक छह मासक भीतर खनन पट्टाक लेल नीलामी शुरू करे।
- केन्द्र सरकारकेँ पहिल अनुसूचीक भाग डीमे खनिजक लेल खनन पट्टा अथवा मिश्रित अनुज्ञापत्रक लेल नीलामी करबाक अधिकार दैत अछि।
- राज्य सरकारसभकेँ अन्वेषण अनुज्ञापत्रक लेल आवेदन आ अनुदानक रजिस्टरक रखरखाव करबाक आवश्यकता छैक।
दस्तावेजमे सेहो
- ई विधेयक'अन्वेषण अनुज्ञापत्र'नामक अनुज्ञापत्रक एकटा नव श्रेणीक निर्माण करैत अछि जे वर्तमान संभावना अनुज्ञापत्रसँ अलग अछि।
- ई केन्द्र सरकारकेँ क्षेत्रसभक अधिसूचना आ अन्वेषण अनुज्ञापत्रक लेल नीलामिकेँ पूरा करबाक संबंधमे राज्य सरकारक कार्रवाईकेँ ओवरराइड करबाक शक्ति प्रदान करैत अछि।
- ई निर्दिष्ट करैत अछि जे केन्द्र सरकार पहिल अनुसूचीक भाग डीमे खनिज लेल खनन पट्टाक सीधा नीलामी कऽ सकैत अछि, जाहिमे राज्य सरकारकेँ रॉयल्टी प्राप्त होइत अछि।
- विधेयकमे जुर्मानेक प्रावधान शामिल अछि यदि धारक संचालन पूरा करबामे या आवश्यक भूगर्भीय रिपोर्ट प्रस्तुत करबामे विफल रहैत अछि।
ई विधेयक आब कहाँ अछिः कानून बनि गेल (अधिनियम)
ई कोना लिखल गेल छल?
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मूल दस्तावेज
भारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा)
विधेयक/कानून · संदर्भ 101·28 जुलाई 2023
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।