सर्वोच्च न्यायालय भ्रष्टाचार अपीलार्थीकेँ बरी कयलक, कोनो आर्थिक लाभ नहि भेटल
मामला एहि बातसँ संबंधित अछि जे जखन उच्च न्यायालयकेँ आर्थिक लाभक कोनो सबूत नहि भेटलैक तखन कि अपीलार्थीकेँ भ्रष्टाचारक दोषी ठहराओल जा सकैत अछि आ न्यायालय अंततः अपीलार्थीकेँ बरी कऽ देलक।
याचिकाकर्ताः खनीन्द्र के. दत्ता; प्रतिवादीः केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी. बी. आई.); पीठः न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला आ के. विनोद चंद्रन।
- आपराधिक अपीलकेँ अनुमति देल गेल।
- अपीलार्थीकेँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988क धारा 13 (1) (डी) क तहत बरी कऽ देल गेल।
- यदि अभिरक्षामे अछि आ कोनो अन्य मामलामे आवश्यक नहि अछि तँ अपीलकर्ताकेँ तत्काल रिहा करबाक आदेश देलनि।
- यदि पहिनेसँ जमानत पर अछि तँ अपीलकर्ताक जमानत बांड रद्द कऽ देल गेल।
- कोनो लंबित आवेदनक निपटान।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | उच्चतम न्यायालय भ्रष्टाचारक मामिलामे अभियोजनमे विलम्बक भारी अभिलेख पर चिन्ता व्यक्त कयलक |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | 2026-09-08 |
| दस्तावेजसभ | 1 |