छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालयः आत्मरक्षाक लेल जाँच रिकॉर्डक खुलासा अनिवार्य अछि
ई डाइजेस्ट भारतीय उच्च न्यायालय आ केन्द्रीय सूचना आयोग द्वारा सितम्बर 2026 सँ जारी पाँच सूचना के अधिकार (आर. टी. आई.) के फैसलाक सारांश दैत अछि। एहिमे जाँच रिकॉर्ड, सरकारी सेवा विवरण, सी. सी. टी. वी. फुटेज, दस्तावेज़ निरीक्षण अधिकार, आ शैक्षणिक रिकॉर्डक लेल शुल्कक प्रकटीकरणसँ संबंधित प्रश्न शामिल अछि।
फैसला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, उत्तराखंड उच्च न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, गुजरात उच्च न्यायालय, आ केंद्रीय सूचना आयोग (सी. आई. सी.) सहित सार्वजनिक प्राधिकरणसँ संबंधित अछि। एहिमे शामिल आवेदकसभमे आत्मरक्षाक रिकॉर्ड मांगयवला व्यक्ति, एक पति अपन अलग पत्नीक सरकारी सेवाक जानकारी मांगयवला, सीसीटीवी फुटेज मांगयवला आर. टी. आई. आवेदक, निरीक्षणक लेल तृतीय-पक्ष सहायताक उपयोग करयवला एक सूचना साधक, आ विश्वविद्यालयसँ उत्तर पुस्तिका मांगयवला एक छात्र शामिल अछि।
- आत्मरक्षाक लेल जाँच अभिलेखकेँ धारा 8 (1) (सी) आ 8 (1) (जे) क अन्तर्गत अस्वीकार नहि कयल जा सकैत अछि यदि कोनो तृतीय-पक्ष गोपनीयता शामिल नहि अछि।
- यदि गोपनीयता अनुरोधसँ बेसी होइत अछि तँ अलग जीवनसाथीक सरकारी सेवाक सम्बन्धमे जानकारीसँ इनकारकेँ बरकरार राखल जाइत अछि।
- आर. टी. आई. अधिनियमक धारा 20क अन्तर्गत दंडक लेल दुर्भावनापूर्ण रोकबाक स्पष्ट निष्कर्षक आवश्यकता छैक।
- धारा 8 (1) (जी) द्वारा आच्छादित सी. सी. टी. वी. फुटेज सीधे आवेदककेँ उपलब्ध नहि कयल जा सकैत अछि मुदा अदालत या आयोगक माध्यमसँ प्राप्त कयल जा सकैत अछि।
- आर. टी. आई. अधिनियमक तहत दस्तावेज़क निरीक्षण लेल सूचना चाहनेसभकेँ तृतीय-पक्ष सहायताक उपयोग करय पर पाबंदी लगाओल गेल अछि।
- आर. टी. आई. अधिनियमक अन्तर्गत माँगि गेल उत्तरपत्रक प्रति उपलब्ध कराबय लेल विश्वविद्यालयसभ आन्तरिक शुल्क नहि लगा सकैत अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | आर. टी. आई. निर्णय-सितम्बर 2026 (5 निर्णय) |
| स्रोत निकाय | सूचनाक अधिकार-सी. आई. सी. आ अदालतक निर्णय |
| संदर्भ संख्या | आरटीआई-2026-09 |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आर. टी. आई. डाइजेस्ट) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | 2026-09-01 |
| दस्तावेजसभ | 1 |