उच्चतम न्यायालय किशोर आयु विवादमे अपील करबाक लेल अनुमति दैत अछि, अंतरिम जमानत दैत अछि
मामला एकटा अपीलार्थीसँ सम्बन्धित अछि जे साक्ष्यकेँ गायब करबाक दोषी ठहराओल गेल अछि जे दावा करैत अछि जे ओ अपराधक समय किशोर छल, एहि अन्तिम दोषसिद्धिकेँ पलटबाक मांग करैत अछि जे उच्च न्यायालय अपन अंतर्निहित शक्तिसभक अन्तर्गत फेरसँ खोलबासँ मना कऽ देलक।
अपीलकर्ताः महावीर उर्फ अवनीश; प्रतिवादीः मध्य प्रदेश राज्य; पीठः न्यायमूर्ति चंद्रशेखर।
- आपराधिक अपीलक लेल अनुमति देल गेल।
- अदालत नोट कयलक जे किशोर न्याय बोर्ड (जेजे बोर्ड) पहिने पाओल छल जे अपीलार्थी अपराधक तिथि पर किशोर छल।
- न्यायालय किशोरावस्थाक दावाक संबंधमे पूर्व निर्णयक आधार पर याचिका पर विचार करबाक इच्छा व्यक्त कयलक।
- प्रत्यर्थीकेँ नोटिस जारी कयल गेल छल, जे छह सप्ताहक भीतर वापसी योग्य छल।
- प्रतिवादीकेँ चारि सप्ताहक भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करबाक निर्देश देल गेल छल।
- अपीलार्थीकेँ निचली अदालत द्वारा लागू नियम आ शर्त पर जमानत पर रिहा करबाक आदेश देल गेल छल।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | सुप्रीम कोर्ट के सामने पहली बार किशोरावस्था के दावा पुलिस, निचली अदालत द्वारा जेजे अधिनियम के कार्यान्वयन में'बड़ा अंतर'दिखबैत हैः सुप्रीम कोर्ट |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |