Sunday, 8 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालय कर्नाटकक भूमि संशोधनकेँ 3 वर्षक सीमासँ बेसी अमान्य ठहरौलनि।

मामला एहि बातसँ संबंधित अछि कि कर्नाटकमे भूमि अभिलेखक संयुक्त निदेशक/पंजीयक कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964क धारा 56क अन्तर्गत पुनरीक्षण अधिकारक प्रयोग कऽ सकैत छथि कि नहि, पहिनेक आदेशकेँ रद्द कऽ सकैत छथि आ पुनः जाँचक निर्देश दऽ सकैत छथि।

मामला एहि बातसँ संबंधित अछि कि कर्नाटकमे भूमि अभिलेखक संयुक्त निदेशक/पंजीयक कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964क धारा 56क अन्तर्गत पुनरीक्षण अधिकारक प्रयोग कऽ सकैत छथि कि नहि, पहिनेक आदेशकेँ रद्द कऽ सकैत छथि आ भूमि स्वामित्वक संबंधमे पुनः जाँचक निर्देश दऽ सकैत छथि, यद्यपि धारा 56 (3) क परंतुकमे निर्धारित तीन वर्षक सीमा अवधि समाप्त भऽ गेल अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः अपीलकर्ताः एम. आर. आर. सेट्टी (मृत), कानूनी प्रतिनिधि द्वारा; उत्तरदाताः कर्नाटक सरकार आ अन्य; पीठः न्यायमूर्ति संजय कुमार।

अदालत की फैसला कयलक?

  • न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया कि सीमा अधिनियम, 1963, कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964 के धारा 56 (3) के परंतुक में निर्धारित विशिष्ट तीन साल की सीमा को नकारने के लिए लागू नहीं होता है।
  • न्यायालय 1964क अधिनियमक धारा 52 आ संशोधित धारा 25 (अंतर्निहित शक्तिसभ) पर सरकारक निर्भरताकेँ अस्वीकार कऽ देलक जे नगर शीर्षक सर्वेक्षण सङ्ख्याक प्रशासनिक आबंटन पर लागू नहि होयत अछि।
  • न्यायालय एहि बातक पुष्टि कयलक जे धारा 56 (1) क अन्तर्गत पुनरीक्षण शक्तिक प्रयोग ओहि आदेशक तारीखसँ मात्र तीन वर्षक भीतर कयल जा सकैत अछि जे संशोधित करबाक चाही, जँ कोनो अपील नहि कयल गेल हो।
  • न्यायालय नोट कयलक जे 1974मे सीटीएस सङ्ख्याक आबंटन एकटा प्रशासनिक अभ्यास छल, राजस्व न्यायालय द्वारा अर्ध-न्यायिक निर्धारण नहि, एहि प्रकार धारा 25क अन्तर्गत अंतर्निहित शक्तिसभक प्रयोगकेँ छोड़ि देल गेल।

दस्तावेजमे सेहो

  • न्यायालयक मत अछि जे 2014मे जारी कयल गेल सूचना 1974क सीटीएस सङ्ख्याक आबंटनसँ धारा 56 (3) क परंतुकमे निर्धारित तीन वर्षक अवधिसँ बहुत बेसी छल।
  • न्यायालय कहलनि जे 1964क अधिनियमक धारा 52 सरकारक मामलामे कोना सहायता कयलक, ई'बुझबाक अभाव'मे अछि, कारण ई मामला पुनरीक्षण शक्तिसँ सम्बन्धित अछि, अपीलसँ नहि।
  • न्यायालय एहि सिद्धान्तक समर्थन करबाक लेल उदाहरण (गुजरात राज्य बनाम पाटिल राघव नाथ आ एस. ई. बी. आई. बनाम सुनील कृष्ण खेतान) क हवाला देलक जे अधिकारीसभकेँ उचित अवधिक भीतर शक्तिक प्रयोग करबाक चाही, भलेहि कोनो विशिष्ट सीमा निर्धारित नहि कयल गेल हो, यद्यपि एतऽ एकटा विशिष्ट सीमा मौजूद छल।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश · 3 सितम्बर 2026

आदेश। 3 सितम्बर 2026 · 0.3 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
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