Sunday, 8 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

उच्चतम न्यायालयः मादक पदार्थ निपटान समिति द्वारा जब्त वाहनक निपटानसँ पहिने निचली अदालतक आदेश आवश्यक अछि

ई मामला मादक पदार्थक मामलाक दौरान जब्त एकटा लॉरीक रिहाईसँ संबंधित अछि जतय अभियुक्तसभकेँ बरी कऽ देल गेल छल।

मुख्य मुद्दा ई अछि जे की ड्रग डिस्पोजल कमेटी (डीडीसी) ट्रायल कोर्टक कोनो विशिष्ट आदेशक बिना वाहनक निपटान कऽ सकैत अछि, आ की वाहनकेँ बरी कयलाक बाद मालिककेँ वापस कऽ देल जाय।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः अपीलकर्ताः आर मणिमरन (वाहनक मालिक); प्रतिवादीः तमिलनाडु राज्य; पीठः न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला आ के. विनोद चंद्रन।

अदालत की फैसला कयलक?

  • उच्चतम न्यायालय आपराधिक अपीलकेँ अनुमति देलक।
  • वाहन छोड़य के अस्वीकार करै वाला निचली अदालतक आदेशकेँ खारिज कऽ दियौक।
  • मद्रास उच्च न्यायालयक निर्णयकेँ रद्द कऽ दियौक।
  • अपीलार्थीकेँ वाहन (टी. एन.-57-ए. क्यू.-2165) छोड़बाक आदेश देलनि।
  • निर्देश देल गेल जे जँ वाहन डी. डी. सी. केँ प्रेषित कयल गेल छल तँ एकरा तत्काल अपीलार्थीकेँ छोड़ि देल जाय।
  • ई अभिनिर्धारित कयल गेल जे डी. डी. सी. न्यायालयक उचित आदेशक बिना जब्त कयल गेल वाहनक स्वतंत्र रूपसँ निपटान नहि कऽ सकैत अछि जे आपराधिक कार्यवाही लंबित अछि।
  • स्पष्ट कयल गेल जे एन. डी. पी. एस. अधिनियमक धारा 63 (1) क अन्तर्गत जब्त करबाक शक्ति न्यायालयक अछि, डी. डी. सी. क नहि।
  • कोनो लंबित आवेदनक निपटान।

दस्तावेजमे सेहो

  • अदालत नोट कयलक जे ट्रायल जजकेँ बरी करबाक निर्णय गंभीर प्रक्रियात्मक अनियमितता पर आधारित छल, जेना कि गिरफ्तारी ज्ञापन जाहिमे एफ. आई. आर. दर्ज भेलाक बाद उत्पन्न अपराध संख्या दर्शायल गेल छल।
  • न्यायालयक निर्णय छल जे'नाहुरकानी बनाम राज्य'मे उच्च न्यायालयक दृष्टिकोण'विश्वजीत डे बनाम असम राज्य'मे सर्वोच्च न्यायालयक दृष्टिकोणक विपरीत अछि।
  • न्यायालय एहि बात पर जोर देलक जे ज़ब्त करबाक प्रमाणक मानक (संभावनाक प्रमुखता) आपराधिक कार्यवाही (उचित संदेहसँ परे प्रमाण) सँ अलग अछि।
  • अदालत कहलनि जे जँ कोनो वाहनक अभिरक्षा नहि मांगैत अछि तँ जाँच अधिकारी एकरा डीडीसीकेँ पठय लेल अदालतमे जा सकैत अछि, मुदा मालिककेँ नोटिस आ सुनवाइक अवसर देबाक बाद मात्र।

ई कोना लिखल गेल छल?

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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश · 3 सितम्बर 2026

आदेश। 3 सितम्बर 2026 · 0.5 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
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