न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय
उच्चतम न्यायालय पुलिस हिरासतमे एक सालसँ बेसी समय बितलाक बाद जब्त वाहनकेँ अंतरिम रूपसँ रिहा करबाक अनुमति देलक।
मामला मेसर्स ए. बी. सी. एक्सप्रेसक एकटा अपीलसँ सम्बन्धित अछि जे निचली अदालत द्वारा प्रतिबंधित शराबक परिवहनक लेल जब्त ट्रककेँ रिहा करयसँ मना करबाक विरुद्ध अछि, जाहिमे गुजरात निषेध अधिनियमक तहत विचाराधीन वाहनक अंतरिम अभिरक्षाक माँग कयल गेल अछि।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः अपीलकर्ताः मेसर्स एबीसी एक्सप्रेस; प्रतिवादीः गुजरात राज्य; पीठः न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा।
अदालत की फैसला कयलक?
- न्यायालयक निर्णय छल जे गुजरात निषेध अधिनियम, 1949क धारा 98 (2) जब्त कयल गेल वाहनकेँ छोड़य पर पूर्ण प्रतिबन्ध नहि अछि।
- न्यायालय निर्देश देलक जे विचारण न्यायालयकेँ अंतरिम अभिरक्षा पर उचित आदेश पारित करबाक लेल दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अथवा संबंधित बी. एन. एस. एस. प्रावधान) क धारा 451क अधीन अपन शक्तिक प्रयोग करबाक चाही।
- नियालीके पट चला जे नीचा देल गेल नियालीसभ Cr.PC क धारा 451,457,458, आ 459k आनतरगत अपन शक्ति सँक्रियाक दृष्टि आ देखनेमे गलती केल्क।
- न्यायालय एहि सिद्धान्तक उल्लेख कयलक जे जब्त कयल गेल सम्पत्तिकेँ पुलिस वा अदालतक हिरासतमे अति आवश्यकसँ बेसी समय धरि नहि रखबाक चाही, विशेष रूपसँ यदि ई क्षयक अधीन अछि।
दस्तावेजमे सेहो
- निर्णयकेँ'गैर-रिपोर्टेबल'के रूपमे चिह्नित कयल गेल अछि।
- जब्त कयल गेल वाहनमे आई. एम. एफ. एल. क 8,064 बोतल (लगभग 22, 532.253 लीटर) छल जकर मूल्य ₹ 17,02,656-आ खाद्य वस्तु सभक मूल्य ₹ 98,66,552-छल।
- अदालत नोट कयलक जे गाड़ी एक सालसँ बेसी समयसँ पुलिस थानेमे ठाढ़ छल आ बिगड़ैत जा रहल छल।
- न्यायालय खेन्गरभाई लखाभाई डम्बाला बनाम गुजरात राज्यमे 2024क फैसलाक हवाला दैत एहि व्याख्याक समर्थन कयलक जे वैधानिक प्रतिबन्ध प्रावधानकेँ सामान्य आपराधिक प्रक्रिया संहिताक सङ्ग सुसंगत करबाक चाही।
ई कोना लिखल गेल छल?
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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
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मूल दस्तावेज
भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ
अदालतक आदेश रेफरल मेसर्स एबीसी एक्सप्रेस बनाम गुजरात राज्य 2 सितम्बर 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
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