Sunday, 8 November 2026 कौन ज़िम्मेदार?
कौन ज़िम्मेदार?KaunZimmedar

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न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय विचार करैत अछि जे की बैंक एन. बी. एफ. सी. ऋण लेल सरफेसी अधिनियमक उपयोग कऽ सकैत अछि जे एकर अन्तर्गत नहि अबैत अछि।

मामला एहि बातसँ संबंधित अछि कि कोनो बैंक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एन. बी. एफ. सी.) सँ देल गेल ऋणक वसूली लेल सरफेसी अधिनियम लागू कऽ सकैत अछि कि नहि जे ऋण बनेबाक समय एहि अधिनियमक अंतर्गत नहि आयल छल।

₹63,89,814अदालत नोट करैत अछि जे मेहता मामलामे, ओ पहिने मेहता सभकेँ ₹ 63,89,814 जमा करबाक निर्देश देलक-अधिकारकेँ पुनः प्राप्त करबाक लेल...

अदालत एहन वसूली कार्यवाहीक वैधता के संबंध मे कोटक महिंद्रा बैंक आ अन्य उधारकर्ता के अपील पर सुनवाई कऽ रहल अछि।

ई कोना चिन्ता करैत अछिः अपीलकर्ताः कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (2015 के सिविल अपील संख्या 8531 में); पूर्णी एकटा कार एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड आ ओकर निदेशक (2022 के एसएलपी (सी) संख्या 9399 सँ उत्पन्न अपीलमे) किराए पर लैत अछि। उत्तरदाताः तृप्ति संजय मेहता आ अन्य; अनिल मनोहर साबले आ जयश्री अनिल साबले। पीठः न्यायमूर्ति संजय कुमार।

अदालत की फैसला कयलक?

  • न्यायालय एहि मुद्दापर विचार कऽ रहल अछि कि कोनो बैंक सर्फेसी अधिनियमक सहारा लऽ सकैत अछि कि नहि, कोनो वित्तीय संस्थासँ देल गेल ऋणक वसूली लेल जे निर्माणक समय अधिनियम द्वारा शासित नहि अछि।
  • अदालत नोट करैत अछि जे मेहता मामलामे, ओ पहिने मेहता सभकेँ ₹ 63,89,814 जमा करबाक निर्देश देलक-कब्जा फेरसँ प्राप्त करबाक लेल, जे ओ नहि कयलनि, आ बादमे ₹40 लाख जमा करबाक लेल एकटा अंतरिम व्यवस्था स्वीकार कयलनि, जकरा 2017मे निष्पादित कयल गेल छल।
  • अदालत नोट करैत अछि जे साबले मामलामे, ओ कोटक महिंद्रा बैंकसँ बलपूर्वक कदम नहि उठयबाक वचन पत्र दर्ज कयलक, आ साबलेसभ कब्जेमे अछि।
  • अदालत नोट करैत अछि जे पूर्णी रेंट ए कार मामलामे, बम्बई उच्च न्यायालय द्वारा अपीलकर्तासभक रिट याचिका खारिज कयलाक बाद 2023मे सुरक्षित सम्पत्ति बेच देल गेल छल।

दस्तावेजमे सेहो

  • प्रदान कयल गेल निर्णय पाठकेँ काटल गेल अछि आ एहिमे मुख्य कानूनी मुद्दे पर न्यायालयक अंतिम परिचालन आदेश या निर्णय नहि अछि।
  • न्यायालय पूर्व अंतरिम आदेशक सन्दर्भ दैत अछि जतय विशिष्ट राशिक जमा पर प्रत्यर्थीसभकेँ सम्पत्तिक कब्जा पुनर्स्थापित कयल गेल छल, जे अंतिम निर्णयक अधीन अछि।
  • न्यायालय नोट करैत अछि जे पूर्णी रेंट ए कार मामलामे बम्बई उच्च न्यायालय अभिनिर्धारित कयलक जे मेहता सभक मामलामे समन्वित पीठक निर्णय सर्वोच्च न्यायालयक पूर्व निर्णय द्वारा निहित रूपसँ खारिज कऽ देल गेल छल।

ई कोना लिखल गेल छल?

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आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।

ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।

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मूल दस्तावेज

भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ

अदालतक आदेश रेफरल एसएलपी (सी) नम्बर 33113/2018 श्री सत्यजीत ए. देसाई, अधिवक्ता श्री सचिन पाटिल, अधिवक्ता श्री सची · 2 सितम्बर 2026

आदेश। 2 सितम्बर 2026 · 0.40 एमबी दस्तावेज खोलू। livelaw.in पर
एकरा एतऽ पढ़ू।

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