न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय
उच्चतम न्यायालय राज्यकेँ रोकि गेल विचाराधीन रिहाई समिति तय करबाक निर्देश देलक
ई मामला विचाराधीन कैदीसभक रिहाई आ जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (डी. एल. ई. सी.) क कामकाजक संबंधमे उच्चतम न्यायालयक निर्देशक कार्यान्वयनसँ संबंधित अछि।
न्यायालय विशिष्ट राज्य द्वारा गैर-अनुपालनकेँ संबोधित कयलक आ नियमित बैठक आ एहि समितिसभ द्वारा समय पर निर्णय लेबाक निर्देश देलक।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ताः सतेंद्र कुमार अन्तिल; उत्तरदाताः केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो आ अन्य; पीठः माननीय न्यायमूर्ति एम. एम. सुन्दरेश आ माननीय न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले।
अदालत की फैसला कयलक?
- समस्त जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (डी. एल. ई. सी.) केँ दिनांक 02.12.2025 क संशोधित एस. ओ. पी. द्वारा अनिवार्य रूप सँ नियमित रूप सँ बैठक करबाक निर्देश देल गेल।
- डी. एल. ई. सी. केँ लंबित मामिलाक स्थगन वा स्थगन करबाक बदला समय पर निर्णय लेबाक निर्देश देल गेल।
- एन. ए. एल. एस. ए. केँ जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डी. एल. एस. ए.) केँ वित्तीय/सामाजिक स्थिति रिपोर्टक अभावक कारण मामला लंबित रहबासँ रोकबाक लेल पर्याप्त कदम उठयबाक निर्देश देल गेल।
- अगिला सुनवाइसँ पहिने न्यायमित्रकेँ अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करबाक आदेश देल गेल।
- अवमानना याचिकाकर्ता के एमिकस क्यूरी पर कागजात देने के अनुमति देल गेल।
- मामलाकेँ 06.10.2026 पर स्थगित कऽ देल गेल।
दस्तावेजमे सेहो
- न्यायालय पंजाब आ महाराष्ट्र राज्यक निर्देशक अनुपालनक उल्लेख कयलक।
- न्यायालय नोट कयलक जे डी. एल. ई. सी. क बैठक नियमित रूपसँ अनिवार्य रूपसँ आयोजित नहि कयल जा रहल छल।
- उत्तर प्रदेशक आँकडासँ संकेत भेटैत अछि जे अनेक बैठकक बावजूद डी. एल. ई. सी. क समक्ष अनेक मामला बिना निर्णयक लंबित छल।
- न्यायालय नोट कयलक जे उत्तर प्रदेशक किछु मामलामे डी. एल. एस. ए. क प्रतिक्षित वित्तीय/सामाजिक स्थिति रिपोर्टक कारण विलम्ब भेल छल।
ई कोना लिखल गेल छल?
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आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।
ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
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मूल दस्तावेज
भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ
अदालतक आदेश · 1 सितम्बर 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।