न्यायालयसभ न्यायालय आ नियामकसभ
सर्वोच्च न्यायालय खनिज अधिकार पर कर लगयबाक राज्यक अधिकारकेँ स्पष्ट कयलक
ई भारतक सर्वोच्च न्यायालयक निर्णय (2024 आई. एन. एस. सी. 554) अछि जे खनिज अधिकारक कराधानसँ सम्बन्धित केन्द्र आ राज्यक बीच विधायी शक्तिसभक संवैधानिक वितरणक संबंधमे अपीलक एकटा समूहकेँ हल करैत अछि।
नागरिकसभक लेल ई महत्वपूर्ण अछि किएक तँ ई स्पष्ट करैत अछि जे रॉयल्टी एकटा कर अछि कि नहि आ खनिज-वाहक भूमि पर राज्य शुल्कक वैधता निर्धारित करैत अछि, जे खनन नियम आ राज्यक वित्तकेँ प्रभावित करैत अछि।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः ई निर्णय खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकरण, भारतीय इस्पात प्राधिकरण, विभिन्न राज्य सरकार (बिहार, राजस्थान, आ उत्तर प्रदेश सहित), भारत संघ, आ राज्य कर आ उपकरकेँ चुनौती दैत खनन कंपनीसँ सम्बन्धित अछि।
दस्तावेज मे की कहल गेल अछि?
- ई मामला खनिज अधिकार पर करक संबंधमे सूची II (राज्य सूची) क मुख्य विधायी प्रविष्टि प्रविष्टि 50केँ संबोधित करैत अछि, जे सूची I (संघ सूची) क प्रविष्टि 54क अन्तर्गत संसद द्वारा अधिरोपित सीमा सभक अधीन अछि।
- न्यायालय खान आ खनिज (विकास आ विनियमन) अधिनियम, 1957 (एम. एम. डी. आर. अधिनियम), विशेष रूपसँ धारा 9क समीक्षा करैत अछि, जे खनन पट्टा धारकसभ द्वारा रॉयल्टी भुगतानकेँ अनिवार्य करैत अछि।
- ई निर्णय इंडिया सीमेंट लिमिटेड बनाम तमिलनाडु राज्य (1990) मे सात-न्यायाधीश पीठक निर्णय, जाहिमे रॉयल्टीकेँ कर मानल गेल छल, आ पश्चिम बंगाल राज्य बनाम केसोरम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (2004) मे संविधान पीठक निर्णय, जाहिमे रॉयल्टीकेँ कर नहि मानल गेल छल, के बीच संघर्षक जाँच करैत अछि।
- न्यायालय सूची-2क प्रविष्टि 49क अन्तर्गत खनिज-वाहक भूमि पर राज्यक शुल्कक वैधताक विश्लेषण करैत अछि, जतय राज्य खनिज मूल्य या रॉयल्टीकेँ करक उपायक रूपमे प्रयोग करैत अछि।
- निर्णय'खानक विनियमन'(प्रविष्टि 23 सूची II) आ'खनिज विकास'(प्रविष्टि 54 सूची I) के बीच अंतर-संबंधक संग-संग'भूमि आ भवन पर कर'(प्रविष्टि 49 सूची II) के दायरेकेँ संबोधित करैत अछि।
दस्तावेजमे सेहो
- दस्तावेजमे उल्लेख अछि जे केसोरमक निर्णयक बाद राजस्थान आ उत्तर प्रदेश सन राज्यमे राज्य विधानसभा सभ कोयलाक परिवहन लेल पर्यावरण आ स्वास्थ्य उपकर आ शुल्क लगा देलक, जकरा उच्च न्यायालयमे चुनौती देल गेल छल।
- निर्णय विशिष्ट राज्य कानूनक सन्दर्भ दैत अछि, जेना कि बिहार कोयला खनन क्षेत्र विकास प्राधिकरण (संशोधन) अधिनियम 1992, जे खनन लेल उपयोग कयल जायवला जमीन पर कर लगबैत छल।
- न्यायालय अपन विश्लेषणमे अंतर्निहित संवैधानिक दर्शनक भागक रूपमे'सार्वजनिक विश्वास सिद्धांत'आ'राजकोषीय संघवाद'पर चर्चा करैत अछि।
ई कोना लिखल गेल छल?
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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
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मूल दस्तावेज
प्रेस द्वारा सार्वजनिक कयल गेल सरकारी दस्तावेज
सरकारी दस्तावेज · रेफ. f3dac914ff02aaa8
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।