उच्चतम न्यायालय जोजारी नदीक 100 मीटरक भीतर निर्माण पर रोक लगौलनि।
ई मामला राजस्थानमे जोजरी नदीक संदूषण आ नदी पारिस्थितिकी तन्त्रक संरक्षणसँ सम्बन्धित अछि। न्यायालय पर्यावरणीय क्षरणक प्रति एकीकृत, समन्वित प्रतिक्रिया आ नदी गलियाराक वैज्ञानिक सीमांकन धरि अंतरिम सुरक्षाक कार्यान्वयनक आवश्यकता पर ध्यान दऽ रहल अछि।
याचिकाकर्ताः फेरसँः राजस्थानक जोजारी नदीमे 20 लाख जीवन खतरेमे अछि, संदूषण (सुओ मोटो रिट याचिका)। उत्तरदाताः राजस्थान राज्य। पीठः प्रदान कयल पाठमे नहि कहल गेल अछि।
- न्यायालय राजस्थान राज्यकेँ सात दिनक भीतर मुख्य सचिवक नेतृत्वमे एकटा'एकीकृत समन्वय समूहक'गठन करबाक निर्देश देलक।
- न्यायालय राजस्थानक लेल एकटा स्वतंत्र नदी आयोग/नदी कायाकल्प प्राधिकरणक गठनक आदेश देलक।
- अदालत विशेष जाँच दल (एस. आई. टी.) केँ लोक सेवक, औद्योगिक इकाई आ सी. ई. टी. पी. पदाधिकारीसँ जुड़ल लंबित आपराधिक मामिलाक जाँच तेज करबाक निर्देश देलक।
- न्यायालय एकटा क्यू. आर. कोड-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्मक उपयोग करैत एकटा एकीकृत सार्वजनिक रिपोर्टिंग आ पर्यावरण शिकायत निवारण तंत्रक स्थापनाक आदेश देलक।
- न्यायालय राज्यकेँ तीन दिनक भीतर जिम्मेदार आर. एस. पी. सी. बी. अधिकारीसभक विरुद्ध कयल गेल कार्रवाईक विवरण समिति के समक्ष रखबाक निर्देश देलक।
- न्यायालय, निर्माण (100 मीटर), प्रदूषण (300 मीटर), आ खतरनाक उद्योग (500 मीटर) पर विशिष्ट प्रतिबंधक संग, अंतरिम सुरक्षा के रूप मे नदी के किनार के दुनू कात 500 मीटर अस्थायी रूप सँ आरक्षित करय के समिति के सिफारिश पर ध्यान देलक।
- न्यायालय कहलनि जे जाबत धरि उच्च बाढ़ रेखा आ बफर जोनक अंतिम रूपसँ पहचान नहि भऽ जायत, तखन धरि चिन्हित नदी गलियाराक भीतर औद्योगिक, वाणिज्यिक, वा आवासीय विकासक लेल कोनो नव अनुमति नहि देल जायत।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | उच्चतम न्यायालय जोजारी नदीक 100 मीटरक भीतर निर्माण, 500 मीटरक भीतर प्रदूषणकारी गतिविधि पर रोक लगौलनि। |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | 2025क रिट याचिका (सिविल) संख्या 8. आदेश पढ़/डाउनलोड करबाक लेल एतऽ क्लिक करू ", |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |