सर्वोच्च न्यायालयक निर्णय अछि जे समर्पण छूट आदेशक बिना अपील आगू नहि बढ़ सकैत अछि।
ई मामला गोवा राज्यक विरुद्ध तरुणजीत तेजपालक आपराधिक अपीलसँ सम्बन्धित अछि, विशेष रूपसँ एहि बातकेँ संबोधित करैत अछि कि अपीलार्थीकेँ समर्पण कयलाक बिना अपीलकेँ सूचीबद्ध कयल जा सकैत अछि, जेना कि उच्चतम न्यायालयक नियम द्वारा आवश्यक अछि।
याचिकाकर्ताः तरुणजीत तेजपाल; प्रतिवादीः गोवा राज्य; पीठः माननीय न्यायमूर्ति आलोक आराधे (कक्षमे)।
- न्यायालय आत्मसमर्पणसँ छूटक आवेदन पर विचार किए बिना अपीलकेँ सूचीबद्ध करबाक अनुरोधकेँ खारिज कऽ देलक।
- न्यायालयक निर्णय छल जे सर्वोच्च न्यायालय नियम, 2013क आदेश XX नियम 3 अनिवार्य अछि, जकर अर्थ अछि कि समर्पण छूट आवेदन पर उपयुक्त आदेश पारित नहि होय धरि अपीलकेँ सूचीबद्ध नहि कयल जा सकैत अछि।
- न्यायालय 2026क आई. ए. सं. 254594 (समर्पणसँ छूट प्राप्त करबाक आवेदन) केँ 25.08.2026 पर विचार लेल सूचीबद्ध कयलक।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | बलात्कार के सजा के खिलाफ अपन अपील के लिए क्या तरुण तेजपाल के आत्मसमर्पण करय के जरूरत छै? सुप्रीम कोर्ट विचार करे |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | तरणजीत तेजल बनाम राज्य GOA|Diary संख्या 50909/2026क आदेश पढ़बाक लेल एतऽ क्लिक करू ", |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | 2026-08-25 |
| दस्तावेजसभ | 1 |