सुप्रीम कोर्टक फैसलाः आत्महत्या के उकसाने के बदले झूठी एफ. आई. आर.
ई मामला एक मृतक व्यक्तिक सासरिया द्वारा उच्च न्यायालयक आदेशक विरुद्ध अपीलसँ संबंधित अछि जे हुनका पर आत्महत्या लेल उकसयबाक आरोप लगबैत प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ. आई. आर.) केँ रद्द करयसँ इनकार कऽ देलक। मुख्य मुद्दा ई अछि कि गलत एफ. आई. आर. दर्ज करब आ भरण-पोषण मांगब आत्महत्या लेल उकसयबाक कानूनी अपराध थिक कि नहि।
याचिकाकर्ता/अपीलकर्ताः पटेल जोशनाबेन प्रविन्कुमार पटेल आ अन्य (मृतकक सास, ससुर आ बहनोई)। उत्तरदाताः गुजरात राज्य आ अन्र (मृतकक भाय सहित)। पीठः न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा आ न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई।
- उच्चतम न्यायालय अपीलकेँ स्वीकार कऽ लेलक।
- न्यायालय गुजरात उच्च न्यायालयक दिनांक 16.09.2025 क निर्णय आ आदेशकेँ रद्द कऽ देलक।
- न्यायालय विवादित एफ. आई. आर. (2020क सी. आर. सं. 119930042001154) आ एकर परिणामस्वरूप भेल सभ कार्यवाहीकेँ रद्द कऽ देलक।
- न्यायालयक निर्णय छल जे एफ. आई. आर. दर्ज करब, भले गलत हो, स्वयंमे कोनो व्यक्तिकेँ आत्महत्या करबाक लेल उकसयबाक समान नहि अछि।
- न्यायालयकेँ पता चलि गेल जे एफ. आई. आर. आ सुसाइड नोटमे प्रथम दृष्टिसँ आत्महत्या लेल उकसयबाक मामलाक गठन करबाक लेल आवश्यक सामग्रीक खुलासा नहि कयल गेल अछि।
- लंबित आवेदन, यदि कोनो हो, ओकर निपटान कऽ देल गेल।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | केवल झूठी एफ़. आई. आर. दर्ज करब आत्महत्या के लिए उकसाना नहि हैः सुप्रीम कोर्ट |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | 2026-08-18 |
| दस्तावेजसभ | 1 |