सर्वोच्च न्यायालयः हरियाणा अधिकारीक नियुक्तिमे अवैधता नियमित नहि कयल जा सकैत अछि।
ई मामला प्रतिनियुक्ति के वैधता आ बाद मे हरियाणा के लोक निर्माण विभाग (भवन आ सड़क) मे विकास आ पंचायत विभाग के चारि अधिकारी के अवशोषण के संबंध मे छै, विशेष रूप सँ प्रत्यक्ष भर्ती के संबंध मे हुनकर वरिष्ठता पद के संबंध मे।
अपीलकर्तामे पीडब्लू (बी एंड आर) विभागमे प्रत्यक्ष भर्ती (जेना, हेमंत कुमार, जगबीर सिंह, सुखबीर सिंह, अभिषेक, विकास कुमार, संदीप कुमार गोयल, भूपिंदर सिंह), चारि प्रतिनियुक्त अधिकारी (प्रदीप अत्री, प्रवीण चौधरी, पंकज गौर, अरुण भाटिया) आ हरियाणा राज्य शामिल अछि। फैसला न्यायमूर्ति उज्जल भुयान द्वारा देल गेल छल।
- अपीलक समूह लेल अनुमति देल गेल अछि।
- अदालत नोट कयलक जे सभ अपीलमे मुद्दा आपसमे जुड़ल अछि आ एकर समाधान एक समान निर्णय आ आदेश द्वारा कयल जा रहल अछि।
- पहिचान कयल गेल मुख्य मुद्दा चारि अधिकारीक प्रतिनियुक्ति आ अवशोषणक वैधता आ अवशोषण पर हुनका देल गेल वरिष्ठता अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | लंबे समय तक सेवा देने के कारण नियुक्ति में अवैधता को नियमित नहीं किया जा सकताः सुप्रीम कोर्ट |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |