उच्चतम न्यायालयक निर्णय अछि जे धारा 69 साक्ष्य अधिनियम तभी सिद्ध कऽ सकैत अछि जखन धारा 68क प्रमाणन असम्भव होयत।
एहि मामलामे पहिल पत्नीक उत्तराधिकारी आ मूल सम्पत्ति मालिकक दोसर पत्नीक उत्तराधिकारीक बीच पारिवारिक उत्तराधिकार आ विभाजन विवाद शामिल अछि, जे तेसर पत्नी (अरुक्कनियम्मल) द्वारा निष्पादित पंजीकृत वसीयतक वैधता आ प्रमाण पर केंद्रित अछि। मुख्य मुद्दा ई अछि कि वसीयत साक्ष्य अधिनियमक तहत वैध रूपसँ साबित भेल अछि कि नहि, जे ए-अनुसूची कृषि संपत्तिक हस्तांतरण निर्धारित करैत अछि।
अपीलकर्ताः एल. आर. एस. क माध्यम सँ पझानाथल (मृत). आ ओ. आर. एस. (पहिल पत्नी, मोट्टैयाम्मलक उत्तराधिकारी). उत्तरदाताः एल. आर. एस. क माध्यम सँ अलामाथल (मृत). आ ओ. आर. एस. (दोसर पत्नी, पप्पम्मलक उत्तराधिकारी). पीठः न्यायमूर्ति नोंगमेकपम कोटीश्वर सिंह।
- नई दिल्ली, नई दिल्ली, नई दिल्ली, नई दिल्ली, नई दिल्ली।
- न्यायालयकेँ साक्ष्य अधिनियमक धारा 68 आ 69क अन्तर्गत वसीयतनामक शक्ति, उचित निष्पादन, प्रमाणन, आ साक्ष्यक वैधानिक तरीकाक बीच भेद करबाक चाही।
- न्यायालय वसीयतक संबंधमे संदिग्ध परिस्थितिकेँ हटयबाक प्रस्तावक सभक दायित्वक आकलन कऽ रहल अछि।
- वसीलक वैधता केन्द्रीय मुद्दाक रूपमे चिन्हल जाइत अछि, जाहिमे विभाजन, अधिकार आ निषेधाज्ञा परिणामी मामला अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | साक्ष्य अधिनियम। धारा 68 के तहत प्रमाणन साबित करना असंभव है तभी धारा 69 के लागू किया जा सकता हैः सुप्रीम कोर्ट |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |