सर्वोच्च न्यायालयः बिना मृत्युकेँ अधीन करबाक इरादेसँ आत्महत्याक लेल उकसायल नहि जा सकैत अछि
एहि मामलामे वन विभागक एकटा वरिष्ठ अधिकारी (विनोद शिवकुमार) द्वारा एकटा अधीनस्थ वन रेंज अधिकारीक आत्महत्याक बाद आत्महत्या लेल उकसयबाक आरोप-पत्र (आईपीसीक धारा 307) के विरुद्ध आपराधिक अपीलसँ सम्बन्धित अछि। मुख्य मुद्दा ई अछि कि अपीलकर्ताक आधिकारिक आचरण आ कथित उत्पीड़न आत्महत्याक निकटवर्ती कारण अछि कि नहि।
अपीलकर्ताः विनोद शिवकुमार; प्रतिवादीः महाराष्ट्र राज्य; पीठः न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा।
- अपीलक लेल अनुमति देल गेल अछि।
- अदालत नोट कयलक जे आईपीसीक धारा 312 (स्वैच्छिक रूपसँ गर्भपात करबाक कारण) क लेल अपीलकर्ताक विरुद्ध एफ. आई. आर. पहिने उच्च न्यायालय द्वारा रद्द कऽ देल गेल छल।
- न्यायालयक मत अछि जे मृतक द्वारा कथित घटनासभ आत्महत्यासँ कमसँ कम एक साल पहिने भेल छल।
- अदालत आत्महत्यासँ ठीक पहिने एकटा'निकटवर्ती पूर्व अधिनियम'के अनुपस्थिति पर ध्यान देलक जे सीधे मृतककेँ अपन जान लेने लेल प्रेरित कयलक।
- अदालत नोट कयलक जे एकटा आओर वरिष्ठ अधिकारी (श्री रेड्डी) पर आरोप नहि लगाओल गेल छल आ हुनकर एफ़. आई. आर. रद्द कऽ देल गेल छल, आ एकटा अन्य व्यक्ति (मनीषा उइके) केँ सुसाइड नोटमे आरोप लगबाक बावजूद सह-अभियुक्त नहि बनाओल गेल छल।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | केवल वरिष्ठ द्वारा आधिकारिक अनुयोग बिना मृत्युकेँ बाध्य करबाक उद्देश्यसँ आत्महत्या के उकसाना नहिः सर्वोच्च न्यायालय |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | विनोद शिवकुमार बनाम महाराष्ट्र राज्य (एसएलपी सीआरएल. 17179/2025) |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |