उच्चतम न्यायालय डी. आर. टी. नीलामीमे नोटिसक चूक पर उच्च न्यायालयक फैसलाक समीक्षा कयलक।
ई मामला बैंक ऋणक वसूली लेल दिल्लीमे एकटा आवासीय संपत्तिक नीलामी बिक्री पर विवादसँ संबंधित अछि, जतय उच्च न्यायालय निर्णय देनदारक विधवा केँ विशिष्ट कानूनी नोटिस देबामे विफल रहबाक कारण बिक्रीकेँ रद्द कऽ देने छल। उच्चतम न्यायालय समीक्षा कऽ रहल अछि कि ई प्रक्रियात्मक विफलता नीलामी बिक्रीकेँ अमान्य करैत अछि कि नहि।
अपीलकर्ताः शीला गहिलोत (नीलामी-खरीदार), पंजाब एंड सिंध बैंक, आ जगमिंदर सिंह (मृतक निर्णय देनदारक बेटा)। उत्तरदाताः मोहिनी हरदयाळ सिंह आ अन्य। पीठः न्यायमूर्ति आलोक आराधे।
- उच्चतम न्यायालय 2016क सिविल अपील सं. 182,2016क 190 आ 2016क 191मे एकटा निर्णय (प्रतिवेदन योग्य) जारी कयलक।
- न्यायालय उच्च न्यायालयक ओहि निर्णयक समीक्षा कयलक जे ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरणक आदेशकेँ खारिज कऽ देलक आ मामलाकेँ नव जाँचक लेल भेज देलक।
- उच्चतम न्यायालय द्वारा देल गेल अंतिम परिचालन आदेश या राहत के बताने सँ पहिने प्रदान कैल गेल पाठ समाप्त भऽ जाइत अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | आदेश देने में विफल रहने पर डी. आर. टी. नीलामी बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ेगाः सुप्रीम कोर्ट |
| स्रोत निकाय | भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (आदेश) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |