न्यायालयसभ सर्वोच्च न्यायालय
सर्वोच्च न्यायालयक निर्णय सामान्य निर्णयक विरुद्ध समग्र अपील कायम रखबाक योग्य अछि।
मामला एहि बातसँ संबंधित अछि कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908क धारा 96क तहत दायर एकटा एकल समग्र अपील, जे एकहि वादी द्वारा दायर दूटा अलग-अलग सिविल मुकदमामे देल गेल सामान्य निर्णयकेँ चुनौती दैत अछि, विचारणीय अछि कि नहि।
मुख्य मुद्दा ई अछि जे की उच्च न्यायालय पहिल अपीलीय अदालतक फैसलाकेँ तकनीकी आधार पर खारिज करबामे गलती कयलक जे एकक स्थान पर दूटा अलग-अलग अपील दायर करबाक चाही छल।
ई कोना चिन्ता करैत अछिः याचिकाकर्ता-बसन्ना (मृत कालसँ) एल. आर. एस. आ अन्य द्वारा; उत्तरदाताः भीमन्ना आ अन्य; पीठः न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर।
अदालत की फैसला कयलक?
- न्यायालयक अभिनिर्धारित छल जे एकहि वादी द्वारा दायर दूटा दावामे निचली अदालतक सामान्य निर्णयकेँ चुनौती देबाक लेल संयुक्त अपील पर योग्यताक आधार पर उचित रूप सँ विचार कयल गेल छल।
- न्यायालय निर्णय देलक जे पहिल अपीलीय न्यायालयक निर्णयकेँ एहि आधार पर खारिज नहि कयल जा सकैत अछि जे दूटा अलग-अलग अपील दायर नहि कयल गेल छल।
- न्यायालय निर्धारित कयलक जे अपीलक एकटा अलग ज्ञापन दाखिल करबाक सम्बन्धमे कोनो कमी ठीक कयल जा सकैत छल आ घातक नहि छल, किएक तँ मिश्रित अपीलक सङ्ग आदेश आ आवश्यक अदालती शुल्क दुनू छल।
- न्यायालय नोट कयलक जे प्रतिवादी लोकनि पहिल अपीलीय न्यायालयक समक्ष मिश्रित अपील पर आपत्ति नहि कयलनि आ योग्यताक आधार पर कार्यवाहीक विरोध कयलनि।
दस्तावेजमे सेहो
- निचली अदालत दुनू मुकदमाकेँ एक सङ्ग जोड़लक आ समान साक्ष्य दर्ज कयलक, जकर परिणामस्वरूप दुनू मुकदमाकेँ खारिज करैत एकटा समान निर्णय आयल।
- पहिल अपीलीय न्यायालय समग्र अपीलकेँ अनुमति देलक आ दुनू दावाकेँ निर्णय देलक, मुदा उच्च न्यायालय तकनीकी रखरखावक आधार पर एकरा खारिज कऽ देलक।
- न्यायालय एहि बात पर जोर देलक जे समग्र अपीलमे आदेश आ अदालती शुल्क दुनूके प्रमाणित प्रतिसभ सम्मिलित छल, जे दुनू दावाक लेल गणना कयल गेल छल, जे एकर रखरखावक समर्थन करैत छल।
ई कोना लिखल गेल छल?
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ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
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मूल दस्तावेज
भारतक सर्वोच्च न्यायालय-आदेश आ निर्णयसभ
अदालतक आदेश · 13 अगस्त 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।