ई-जीरो एफ. आई. आर.: तेजीसँ धोखाधड़ी पर रोक या वसूली पर कोनो डेटा नहि
प्रश्न गृह मंत्रालयसँ पुछल गेल जे की सरकार साइबर अपराधक मामलाक लेल ई-जीरो एफ. आई. आर. शुरू केलक अछि, आ यदि अछि, तऽ एकर विशेषता, पंजीकरण संख्या, वसूली पर प्रभाव, आ कार्यान्वयनक कदमक विवरणक लेल।
डॉ. राज कुमार चब्बेवाल द्वारा पूछल गेल; उत्तर गृह मंत्रालय (राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार) द्वारा देल गेल।
- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बी. एन. एस. एस.), 2023क धारा 173 (1) इलेक्ट्रॉनिक संचारक माध्यमसँ संज्ञेय अपराधसँ सम्बन्धित जानकारीक पंजीकरण अनिवार्य करैत अछि।
- केन्द्र सरकार राज्य/केंद्र शासित प्रदेशकेँ विशेष रूपसँ साइबर वित्तीय धोखाधड़ीक मामिलाक लेल ई-जीरो एफ. आई. आर. दर्ज करबाक लेल एकटा मंच प्रदान करैत अछि।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एन. सी. आर. पी.) या हेल्प लाइन 1930 पर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा तय वित्तीय हानिक सीमा पूरा करैवला शिकायतक परिणामस्वरूप स्वतः ई-जीरो एफ़. आई. आर. भऽ जाइत अछि।
- ई-जीरो एफ. आई. आर. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ई-क्राइम पुलिस स्टेशनमे दर्ज कयल जाइत अछि आ क्षेत्रीय साइबर अपराध पुलिस स्टेशनमे स्थानांतरित कयल जाइत अछि।
- शिकायतकर्ताकेँ शून्य एफ. आई. आर. केँ नियमित एफ. आई. आर. मे परिवर्तित करबाक लेल तीन दिनक भीतर पुलिस स्टेशन जयबाक चाही।
- ई प्रणाली 18 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशसभमे लागू कयल गेल अछि, जाहिमे मई 2025 सँ सबसँ बेसी पंजीकरण (6,115) दिल्लीमे भेल अछि।
- पुलिस आ सार्वजनिक व्यवस्था संविधानक सातम अनुसूचीक अन्तर्गत राज्यक विषय अछि, जकर अर्थ अछि कि राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश विधि प्रवर्तन अभिकरणसभ एफ. आई. आर. परिवर्तन आ ओकर बादक कार्रवाईकेँ संभालैत अछि।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
संसदीय प्रश्न आ उत्तर
28.07.2026
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दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | ई-जीरो एफ. आई. आर. |
| स्रोत निकाय | भारतीय संसद-प्रश्न आ उत्तर (लोकसभा, तारांकित) |
| संदर्भ संख्या | एलएस क्यू135 (सत्र 8) |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (प्रश्न) |
| वर्ष। | 28.0 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 1 |