संसद संसद प्रश्न आ उत्तर
वाणिज्यिक न्यायाधिकरणक मामलाक बैकलॉग तेजीसँ बढ़ि गेल, सुधार पर सुप्रीम कोर्टक फैसला
प्रश्नमे विधि आ न्याय मंत्रालयसँ वाणिज्यिक न्यायाधिकरणक कार्यप्रणाली, रिक्तता, विचाराधीनता, आ निपटान दरक संग-संग दक्षतामे सुधार लेल उठायल गेल कदमक विवरण प्रदान करबाक लेल कहल गेल।
सरकार उच्चतम न्यायालयक निष्कर्षक हवाला दैत आ कर्मचारी आ मामलाक आँकड़ा पर आँकड़ा प्रदान करैत जवाब देलक।
पूछल आ उत्तर देल गेलः श्री मनीष तिवारी द्वारा पूछल गेल; कानून आ न्याय मंत्रालयक राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा उत्तर देल गेल।
सरकार की कहलनि?
- न्यायाधिकरण सुधार अधिनियम, 2021क संबंधमे मद्रास बार एसोसिएशन बनाम यू. ओ. आई. मे उच्चतम न्यायालयक 19.11.2025 क निर्णय।
- आई. टी. ए. टी. पदः 2024-25 मे 46 अध्यक्ष/सदस्य पद खाली अछि, जे 2026-27 सँ घटकर 14 भऽ गेल अछि।
- एन. सी. एल. टी. पदः 12 अध्यक्ष/सदस्य पद आ 253 रजिस्ट्री कर्मचारी 03.08.2026 पर रिक्त अछि।
- एन. सी. एल. ए. टी. पदः 1 अध्यक्ष/सदस्य पद आ 85 रजिस्ट्री कर्मचारी 30.06.2026 पर खाली अछि।
- डी. आर. टी. स्थितिः 39मेसँ 7टा ऋण वसूली न्यायाधिकरण खाली अछि, जाहिमे अन्य डी. आर. टी. क पीठासीन अधिकारीकेँ अतिरिक्त प्रभार देल गेल अछि।
- आई. टी. ए. टी. क विचाराधीनता 2024-25 मे 38,759 मामलासँ बढिकऽ 30.06.2026 धरि 68,018 मामला भऽ गेल।
- एन. सी. एल. टी. क विचाराधीनता 2023-24 मे 21,664 मामलासँ घटकर 2025-26 मे 14,813 मामला भऽ गेल।
- एहि उपायमे डिजिटल बुनियादी ढाँचाकेँ मजबूत करब, ई-ऑफिस अपनाब, वीडियो कॉन्फ्रेंसिङ्ग सुनवाइ आ ऑनलाइन मामला प्रबंधन प्रणाली शामिल अछि।
दस्तावेजमे सेहो
- उत्तर प्रश्नक भाग (ई) मे उल्लिखित'राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग'क प्रस्तावकेँ सीधा संबोधित नहि करैत अछि, बल्कि वर्तमान विधायी आ प्रक्रियात्मक उपायकेँ सूचीबद्ध करैत अछि।
- आई. टी. ए. टी. क विचाराधीन मामलाक आँकड़ा तीन वर्षक अवधिमे उल्लेखनीय वृद्धि देखबैत अछि, जे 38,759सँ बढ़ि 68,018 मामला भऽ गेल अछि।
- सरकार कहैत अछि जे ओ खाली पदकेँ भरिबाक प्रयास कऽ रहल अछि मुदा एन. सी. एल. टी. मे 253 खाली रजिस्ट्री पदकेँ भरिबाक लेल कोनो विशिष्ट समयसीमा प्रदान नहि करैत अछि।
ई कोना लिखल गेल छल?
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आँकडाक जाँच कयल गेल। एहि सारांशमे प्रत्येक संख्या एकटा स्वचालित जाँच द्वारा दस्तावेजमे भेटल छल।
ओ जाँच तुलना करैत अछि। संख्यासभ मात्र। ई एहि बातक पुष्टि नहि कऽ सकैत अछि जे दस्तावेज जे कहैत अछि ओ शब्द कहल जाइत अछि-तेँ मूल दस्तावेज हमेशा प्राधिकरण होइत अछि।
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मूल दस्तावेज
भारतीय संसद-प्रश्न आ उत्तर (लोकसभा, तारांकित)
सरकारकेँ प्रश्न संदर्भ लोक सभा प्रश्न 293 (सत्र 8) · 7 अगस्त 2026
एकरा एतऽ पढ़ू।
चर्चा।
एहि दस्तावेज पर एखन धरि कोनो चर्चा नहि भेल अछि।