विधेयक 2001 विमान हित सम्मेलनकेँ कानूनी बल दैत अछि।
ई विधेयक भारतमे 2001 मे हस्ताक्षरित मोबाइल उपकरण (विशेष रूपसँ विमानक लेल) मे अंतर्राष्ट्रीय हित पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आ प्रोटोकॉलकेँ कानूनी बल दैत अछि। एकर उद्देश्य विमानक वस्तुमे ऋणदाताक वित्तीय हितक रक्षा करब आ एहि हितकेँ कोना पंजीकृत आ लागू कयल जाइत अछि एकर मानकीकरण करब अछि।
ई कानून विमानक उद्देश्यक संबंधमे समझौतामे शामिल'लेनदार'(जेना पट्टाधारक, सशर्त विक्रेता, या प्रभारकर्ता) आ'देनदार'(जेना पट्टाधारक, सशर्त खरीदार, या चार्जर) पर लागू होइत अछि। ई नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डी. जी. सी. ए.) केँ रजिस्ट्री प्राधिकरणक रूपमे सशक्त सेहो करैत अछि आ उच्च न्यायालयकेँ अधिकारिता प्रदान करैत अछि।
- भारत मे विमानक वस्तुक संबंध मे कन्वेंशन आ प्रोटोकॉल मे कानूनक बल छैक।
- नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डी. जी. सी. ए.) केँ रजिस्ट्री प्राधिकरणक रूपमे नामित कयल गेल अछि आ ई कार्यान्वयनक लेल निर्देश जारी कऽ सकैत अछि।
- ऋणदातासभकेँ रजिस्ट्री प्राधिकरणकेँ देय राशिक अभिलेख रख-रखाव आ जमा करबाक आवश्यकता होइत अछि।
- लेनदारकेँ कन्वेंशन या प्रोटोकॉलक तहत उपचारक प्रयोग करबासँ पहिने रजिस्ट्री प्राधिकरणकेँ चूक के बारे मे सूचित करय पड़त।
- विशिष्ट प्रावधान भारतीय निगमित निकाय, फर्म, या भारतमे अधिवासित व्यक्तिक लेल दिवाला पर उपचार पर लागू होइत अछि, बशर्ते ब्याज पंजीकृत हो आ समझौता द्वारा बाहर न हो।
- क्षेत्रीय क्षेत्राधिकारवला उच्च न्यायालय सम्मेलनक अनुच्छेद 53क अन्तर्गत मामिलाक लेल प्रासंगिक न्यायालय अछि।
- केन्द्र सरकार लग नियम बनयबाक, सम्मेलनक तहत घोषणा करय या वापस लेबाक, आ कार्यान्वयनमे कठिनाइसभकेँ दूर करबाक शक्ति छैक।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | विमान वस्तुमे हित संरक्षण विधेयक, 2025 |
| स्रोत निकाय | भारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | IX |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (बिल) |
| वर्ष। | 2025 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 3 |