विधेयक संहिताक अन्तर्गत स्वचालित रूपसँ तीनटा श्रम कानूनकेँ निरस्त करबाक स्पष्ट करैत अछि।
ई विधेयक औद्योगिक संबंध संहिता, 2020मे संशोधन करैत अछि, ई स्पष्ट करबाक लेल जे तीनटा पुरान श्रम कानूनकेँ निरस्त करब संहिताक अपन प्रावधानसँ स्वतः भेल, कोनो अलग कार्यकारी आदेशसँ नहि। लक्ष्य भविष्यमे एहि पुरान कानूनकेँ निरस्त करबाक सम्बन्धमे भ्रम वा कानूनी जटिलताकेँ रोकब अछि।
ई कानून ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926; औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946; आ औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के कानूनी स्थिति के प्रभावित करैत अछि। ई सीधे विशिष्ट व्यक्ति या व्यवसाय पर नव नियम लागू नहि करैत अछि बल्कि ट्रेड यूनियन, औद्योगिक रोजगार, आ विवाद के नियंत्रित करै वाला कानूनी ढांचे के स्पष्ट करैत अछि।
- औद्योगिक सम्बन्ध संहिता, 2020क धारा 104 (1) केँ प्रतिस्थापित करैत अछि।
- ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926; औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946; आ औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 धारा 1 (3) क अन्तर्गत अधिसूचनामे निर्धारित तिथि पर निरस्त भऽ जाइत अछि।
- मानल जाइत अछि जे ई 21 नवंबर, 2025 सँ लागू भेल छल।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | औद्योगिक सम्बन्ध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 |
| स्रोत निकाय | भारतक संसद-विधेयक (लोकसभा आ राज्यसभा) |
| संदर्भ संख्या | 33 |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (बिल) |
| वर्ष। | 2026 |
| बन्द करबाक तिथि | — |
| दस्तावेजसभ | 3 |