मैप्लिथो पेपर टेंडर दस्तावेज़क तारीखक 10 दिन बाद समाप्त भऽ जायत अछि।
एन. सी. ई. आर. टी. (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान आ प्रशिक्षण परिषद) नई दिल्ली पहुँचयबाक लेल 22,000,000 किलोग्राम मापलिथो कागज (आई. एस.: 1848 भाग 1क अनुसार) खरीद रहल अछि।
बोली लगयवला सभक न्यूनतम औसत वार्षिक कारोबार 9625 लाख (पिछला 3 वर्ष) होबाक चाही आ ओ. ई. एम. क न्यूनतम औसत वार्षिक कारोबार 13000 लाख (पिछला 3 वर्ष) होबाक चाही। बोली लगयवला वा ओकर ओ. ई. एम. केँ केन्द्र/राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम, या सार्वजनिक सूचीबद्ध कंपनीसभकेँ समान उत्पादक आपूर्ति करबाक 3 वर्षक अनुभव होबाक चाही। पिछला प्रदर्शनमे पिछले तीन वित्तीय वर्षमेसँ कमसँ कम एकमे बोली मात्राक 70 प्रतिशतक आपूर्ति देखाबऽ चाही। आवश्यक दस्तावेजमे ओ. ई. एम. प्राधिकरण, लेखापरीक्षित शेष राशि, आ अनुभव मानदंड प्रमाण शामिल छैक। एम. एस. ई. आ स्टार्टअपकेँ कारोबार/अनुभवक लेल छूटक अनुमति नहि छैक।
- निविदा प्रकारः जी. ई. एम. (सरकारी ई-मार्केट प्लेस)
- ई. एम. डी. राशिः 57,750,000 आई. एन. आर. (3.00%)
- बोली वैधताः समाप्ति तिथि से 30 दिन
- बोली समाप्ति तिथि/समयः 23-01-2021 17:00:00
- वितरण दिनः 135 दिन
- वारंटी अवधिः अंतिम स्वीकृति सँ 1 साल
- बोली विभाजनः एल1 (50 प्रतिशत), एल2 (30 प्रतिशत), एल3 (20 प्रतिशत)
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | जी. ई. एम. बोली दस्तावेज मापलिथो |
| स्रोत निकाय | राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान आ प्रशिक्षण परिषद (एन. सी. ई. आर. टी.) |
| संदर्भ संख्या | — |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (अभिलेख) |
| वर्ष। | 2021 |
| बन्द करबाक तिथि | 2021-01-23 |
| दस्तावेजसभ | 3 · प्रकाशनक बाद 2 × बदलि गेल। |
अवलोकन आ प्रश्न जे कोनो नागरिक पूछ सकैत अछि।
दस्तावेजसँ यांत्रिक रूपसँ लेल गेल तथ्यात्मक अवलोकन-निष्कर्ष वा आरोप नहि। प्रत्येककेँ मूलक विरुद्ध सत्यापित करू।
- विभाग पहिल बेर प्रकाशित कयलाक बाद एहि दस्तावेजकेँ 2 बेर बदलि देलक।
- प्रत्येक संशोधनक कारण की छल, आ की बोलीदारकेँ जवाब देबाक लेल समय देबाक लेल समापन तिथि बढ़ाओल गेल छल?
- की पात्रता आ कार्यक्षेत्रक आवश्यकता उल्लिखित उद्देश्य आ अनुमानित मूल्यसँ मेल खाइत अछि?
- की सभ संशोधन समय सीमा सँ पहिने पोर्टल पर प्रकाशित भऽ गेल छल?
आर. टी. आई. क मसौदा बना कऽ पूछू जे दस्तावेज मे की नहि कहल गेल अछि।