अमेरिकी सहयोगसँ भारत आई. टी. ई. आर. परियोजनामे पूर्ण भागीदार बनल।
ई दस्तावेज संयुक्त राज्य अमेरिकाक सङ्ग 18 जुलाई, 2005क संयुक्त वक्तव्यकेँ लागू करबाक लेल भारतक पृथक्करण योजनाकेँ रेखांकित करैत अछि, जकर उद्देश्य पूर्ण नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोगकेँ फेरसँ शुरू करब अछि। ई समझौता आर्थिक विकासकेँ समर्थन देबाक लेल भारतक किफायती ऊर्जाक आवश्यकता आ भारतक तकनीकी क्षमताकेँ अमेरिकी मान्यता द्वारा संचालित अछि।
समझौता मे भारत आ संयुक्त राज्य अमेरिका के सरकार शामिल अछि, विशेष रूप सँ राष्ट्रपति बुश आ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के संदर्भ मे। ई परमाणु क्षेत्र, ऊर्जा उद्योग (तेल, गैस, कोयला, आ वैकल्पिक ईंधन सहित), आ आई. टी. ई. आर. परियोजना मे शामिल अंतर्राष्ट्रीय भागीदार सँ संबंधित अछि।
- भारत आ अमेरिकाक बीच पूर्ण नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोगक पुनः प्रारम्भ।
- तेल, गैस, कोयला, वैकल्पिक ईंधन आ नागरिक परमाणु ऊर्जा पर आधारित भारत-अमेरिका ऊर्जा संवादक स्थापना।
- स्वच्छ विकास साझेदारी पहलमे शामिल होयबाक लेल अमेरिकाकेँ देल गेल निमंत्रणकेँ भारत स्वीकार करैत अछि।
- अमेरिकाक सहयोगसँ आई. टी. ई. आर. परियोजनामे पूर्ण भागीदारक रूपमे भारतक स्थिति।
ए. आई. द्वारा दस्तावेजसँ लिखल गेल आ ओकर विरुद्ध जाँच कयल गेल। नीचाँ देल गेल मूल आधिकारिक अछि।
मूल दस्तावेज
दस्तावेजक विवरण
| आधिकारिक शीर्षक | 18 जुलाई, 2005 के भारत-संयुक्त राज्य अमेरिका संयुक्त वक्तव्य का कार्यान्वयनः भारत की अलगाव योजना |
| स्रोत निकाय | विदेश मंत्रालय-द्वीपक्षीय आ व्यापार दस्तावेज |
| संदर्भ संख्या | 6145 |
| स्थिति | बन्द भऽ गेल। (समझौता) |
| वर्ष। | 2006 |
| बन्द करबाक तिथि | 11 मई, 2006 |
| दस्तावेजसभ | 1 |